Aurat Ki Antarvasna
मैं हूँ चौंतीस साल की अंकिता। मेरा रूप एकदम मस्त है, और मेरा जिस्म एकदम कमसिन है। मेरे सीने पर बड़े-बड़े गोल-गोल बूब्स हैं, और मेरे पीछे मेरी उभरी हुई गाँड़ है। मेरे सेक्सी बदन को देखकर मुझे लोग कहते हैं कि भगवान ने मुझे एकदम फुर्सत में बनाया है। चलिए अब आपका ज़्यादा समय खराब न करते हुए, मैं अपनी आज की कहानी पर आती हूँ।
मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में सेल्स प्रोमोटर हूँ। मुझे काम के सिलसिले में मुझे देश भर के शहरों में घूमना पड़ता है। मेरी उम्र का तकाज़ा खाइए या फिर कुछ मेरी जिस्म का ज्वाला, जो मुझे चैन से रहने नहीं देती थी। काम के ही सिलसिले में मैं इंदौर गई थी। काम के बाद मैं होटल में थी।
मेरे जिस्म का ज्वाला मुझे होटल के रूम में चैन नहीं आ रहा था। मैंने अपनी जलती हुई चूत में उंगली करी पर मेरी चूत शांत होने का नाम नहीं ले रही थी। फिर डिल्डो का मैंने इस्तेमाल किया, पर मेरी चूत की आग शांत ही नहीं हो रही थी। मेरे पूरे जिस्म में आग लग रही थी, और मैं सिर्फ़ नाइट गाउन डाले हुए थी।
फिर मैं रूम से बाहर लाउंज में आ गई। मैं बेताब से लाउंज में चल रही थी, तभी वहाँ एक बहुत ही हैंडसम लड़का आता है। वो दिखने में बहुत चंचल लग रहा था, और उसे देखकर मेरा मन मचल गया। उसकी हाइट क़रीब छह फ़ुट थी, और वो एकदम स्पोर्टी गोरा बदन था। फिर मैंने उसे अपने पास बुलाया और हाय-हेलो के बाद मैंने उसका नाम पूछा। तो उसने अपना नाम मुझे शैलेश बताया।
मैं – शैलेश, तुम मेरे साथ आओ।
फिर मैं उसे लेकर रूम के अंदर आ गई। उससे बातचीत में मुझे पता चला कि वो होटल का ही सिक्योरिटी स्टाफ़ का था। अब वो अपनी ड्यूटी देकर आराम करने अपने स्टाफ़ रूम में जा रहा था। मैं उसकी बॉडी को अच्छे से देख रही थी, और शैलेश भी चुपके से मेरी जवानी को निहार रहा था। अब रूम में एकदम शांति हो रखी थी, तो मैंने शांति को भंग करते हुए बोली—
Aurat Ki Antarvasna Sexy Kahani
मैं – शैलेश, सॉफ्ट ड्रिंक तैयार करो।
शैलेश ड्रिंकिंग टेबल पर ड्रिंक तैयार करने लग गया। मेरे जिस्म का एक-एक अंग अब शैलेश के टच के लिए तड़प रहा था। इतने में उसने ड्रिंक तैयार करी और वो बोला – मैडम ये ड्रिंक मैंने सिर्फ़ आपके लिए बनाई है।
मैं – मुझे आज तुम्हारी कंपनी चाहिए।
शैलेश मुझे देखते हुए बोला – मैं सपना तो नहीं देख रहा हूँ, मेरे नसीब में आप जैसी अप्सरा लड़की को कंपनी देना लिखा है।
मैं बिना किसी हिचक के शैलेश को पकड़कर अपने सीने से लगा लिया। शैलेश के गालों को मैं चूमने लग गई। शैलेश ने भी सिचुएशन को समझते हुए अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और वो मेरे होंठों को जोर-जोर से चूसने लग गया।
अब वो अपने होंठों से मेरे बाकी शरीर के अंगों को भी चूम और चाट रहा था। शैलेश ने मेरे नाइट गाउन को उतार दिया, और मैंने अंदर कुछ नहीं पहना था। गाउन उतारने के साथ ही मैं शैलेश के सामने एकदम नंगी हो गई थी। मैंने बिना देरी किए शैलेश की शर्ट-पैंट को उतार दिया, फिर मैंने उसका अंडरवियर भी उतार दिया।
शैलेश का लंड एकदम साँप की तरह उछलकर पेड़ की ओर आ गया। बीस साल के लड़कों का लंड ऐसा ही होता है। उसके लंड में गज़ब की ताकत थी। उसका लंड ऊपर-नीचे झटके मार रहा था, और आज मैं इस उम्र के लड़के से दूसरी बार चुद रही थी।
अब मैं शैलेश के लंड को अपने हाथों से सहला रही थी, और वो मेरे बूब्स से खेल और उन्हें चूस रहा था। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, जैसे बरसों की मेरी प्यास आज बुझाने वाली है। मैं शैलेश का लंड अब चूसना चाहती थी। शैलेश एक अच्छे खिलाड़ी की तरह मेरी एक-एक इच्छा को भाँप रहा था।
फिर हम दोनों बेड पर 69 की पोज़िशन में आ गए। अब मैं उसका लंड चूस रही थी, और शैलेश मेरी क्लीन शेव चूत को चाट रहा था। उसकी जीभ मेरी चूत के अंदर हरकत कर रही थी। वो कभी चूत की गरमी में समा जाता तो कभी चूत के ऊपर रगड़ता। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं तो अपने मुँह में लंड लिए सिसकियाँ भर रही थी। उसका लंड लगातार फूलता ही जा रहा था, और उसके लंड की मोटाई इतनी ज़्यादा बढ़ गई थी कि अब वो मेरे मुँह में ही नहीं आ रहा था। बीस साल का लंड एकदम कड़क हो चुका था। लंड अब जोर-जोर से मेरे मुँह में अंदर-बाहर हो रहा था।
मैं कुछ समझ पाती इतने में लंड ने अपना सारा पानी मेरे मुँह में निकाल दिया। एकदम गरम पानी का झरना मेरे मुँह में आ गया था। मैंने उसके लंड को चूस-चूसकर साफ़ कर दिया। पर उसका लंड अभी भी पूरा खड़ा हुआ था। ये देख अब मेरा भी मन उसे अपनी चूत में लेने का हो रहा था।
पर शैलेश मेरे बूब्स की भी चुदाई करना चाहता था। फिर मैंने अपने दोनों हाथों से अपने बूब्स के बीच में उसके लंड को फँसा लिया। अब शैलेश जोर-जोर से मेरे दोनों बूब्स की चुदाई करने लग गया। उसके धक्कों से मेरा पूरा जिस्म हिल रहा था। अब मैं भी पागल होती जा रही थी।
मैंने शैलेश से बोली – अब बरदाश्त नहीं हो रहा है, डियर प्लीज़ अब अपना लंड मेरी चूत में डाल दो।
उसने मुझे सीधा लिटाया और मेरी चिकनी चूत पर वो अपना लंड रगड़ने लग गया। उसके लंड का टच मुझे और मेरी चूत को बहुत मज़ा दे रहा था। मैं उसके लंड को लेने के लिए पागल हो रही थी, और मैं अपनी गाँड़ उछाल-उछालकर उसका लंड अंदर लेने की कोशिश कर रही थी।
फिर उसने अपने लंड का दबाव मेरी चूत पर डाला, और उसने एक जोरदार धक्का मारा। उसके एक ही धक्के से मेरी चूत में उसका लंड समा गया। मेरे मुँह से आह-आह की मस्त आवाज़ें निकल रही थीं। इधर शैलेश अब मुझे चोद रहा था, मैं भी अपनी गाँड़ उछाल-उछालकर उसका पूरा साथ दे रही थी।
उसकी लंड की स्पीड मेरे जिस्म की आग को शांत कर रही थी। उसका लंड पूरी स्पीड से मेरी चूत में भाग रहा था। मेरी चूत लगातार सिकुड़ती जा रही थी। मेरा तन-बदन एकदम से अकड़ गया। फिर मेरी चूत से पानी की धार उसके लंड पर बह गई।
पर अभी भी उसका लंड मेरी चूत में भाग रहा था। और अब तो फच-फच की आवाज़ें पूरी रूम में आ रही थीं। शैलेश के जिस्म में भी अब अकड़न आ गई थी। और उसने और ज़्यादा जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। और फिर उसने एक और जोरदार धक्के से अपना सारा पानी मेरी चूत में निकाल दिया। मेरी चूत उसका पानी पाकर एकदम तृप्त हो गई थी। अब मेरे जिस्म की ज्वाला एकदम से शांत हो गई थी।
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ये Aurat Ki Antarvasna की कहानी आपको कैसी लगी मुझे कमेंट करके बताये…
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