Maa Aur Uncle Ki Sex Kahani
मेरा नाम विक्रम है, मैं यूपी का रहने वाला हूँ, और हम घर में सिर्फ़ दो ही लोग रहते हैं – एक माँ और मैं। इस स्टोरी की हीरोइन मेरी मम्मी ही हैं। मम्मी का नाम काजल है। मेरी मम्मी बहुत ही हॉट और सेक्सी वुमन हैं। मम्मी हमेशा स्टैंडर्ड तरीके से रहती हैं।
क्योंकि हमारे पास पैसों की कोई कमी नहीं है, वह अपने बाल हमेशा खुले रखती थीं। वह हमेशा टीशर्ट, जींस, टॉप, वन और थ्री पीस और वन शोल्डर ड्रेस तो कभी-कभी ट्रांसपेरेंट साड़ी भी पहनती हैं। यह बात तब की है जब हमें कुछ दिनों बाद एक मैरिज पार्टी में जाना था। मैं तैयार हो चुका था। और मम्मी अभी तैयार हो रही थीं। कुछ टाइम बाद जब मम्मी तैयार होकर आईं तो।
मैं उन्हें बस देखता ही रह गया। मम्मी ने एक ट्रांसपेरेंट ब्लैक साड़ी पहन रखी थी। जिसमें से उनकी रेड ब्रा साफ़ नज़र आ रही थी, और ऊपर से उनके खुले बाल, नीचे हाई हील। क़सम से वह एकदम मस्त पताका लग रही थीं। फिर मैं और मम्मी दोनों कार में बैठकर पार्टी में पहुँच गए। पार्टी एक गेस्ट हाउस में थी।
फिर हम दोनों अंदर चले गए। मम्मी अपनी फ्रेंड्स के पास चली गईं। मैं मेल की तरफ़ जाकर बैठ गया, क्योंकि मैं वहाँ अकेला था। मेरा वहाँ कोई फ्रेंड नहीं था। मेरे पीछे दो आदमी बैठे थे। जब मैंने उन दोनों की बातें सुनीं तो मेरे होश उड़ गए। एक आदमी मेरी मम्मी की तरफ़ देखकर दूसरे से कह रहा था।
पहला आदमी – क्या मस्त माल है यार, मन कर रहा है कि साली को यहीं पर चोद दूँ।
दूसरा – सही कह रहा है भाई, एकदम जवान और कड़क माल है। मैं तो पूरी रात इसकी गाँड़ मारूँगा।
पहला आदमी – हाँ मैं तो साली को पूरी रात चोदूँगा।
फिर मैं वहाँ से उठकर दूसरी जगह बैठ गया। फिर सब लोग खाना खाने लग गए। मम्मी और उनकी एक-दो फ्रेंड्स भी खाना खा रही थीं। उनके साथ एक आदमी था जो शायद आंटी का फ्रेंड था। मैं भी उनके पास जाकर खड़ा हो गया तो मम्मी ने मुझे उनसे इंट्रोड्यूस करवाया।
फिर मैंने अंकल और आंटी को हेलो बोला। फिर हम लोग खाना खाकर 30 मिनट बाद घर आ गए। फिर मैं अपने रूम में जाकर सो गया। सुबह जब मैं उठा तो मम्मी अपने रूम में थीं। मैं रेडी होकर कॉलेज में चला गया था। जब मैं शाम को घर वापस आया तो मैं कपड़े चेंज करके लंच करने लग गया।
मैं अपना फ़ोन चला रहा था, पर मुझे याद आया कि मेरे फ़ोन का डेटा बैलेंस ख़त्म हो चुका है। फिर मैंने वहीं पास में पड़े मम्मी का फ़ोन लिया और मम्मी के फ़ोन की जैसे ही स्क्रीन मैंने ओपन करी तो मैंने देखा उस पर कुछ मैसेज आए हुए थे। जब मैंने ओपन किए तो मैं तो हैरान हो गया। वो मैसेज उसी अंकल के थे। जैसे ही मम्मी ने रात के 2 बजे तक चैट की थी, अंकल ने ये मैसेज किए हुए थे।
अंकल – हेलो।
मम्मी – हाय, कौन? मैंने आपको पहचाना नहीं?
अंकल – इतनी जल्दी भूल गई, तुम्हारा कॉलेज का फ्रेंड।
मम्मी – अच्छा नितेश।
अंकल – पहचान लिया।
मम्मी – हम्म।
अंकल – आज आप बहुत हॉट लग रही थीं।
मम्मी – अच्छा थैंक्स।
अंकल – यू आर वेलकम।
मम्मी – तुम भी हैंडसम लग रहे थे।
अंकल – थैंक्स।
मम्मी – चलो बाय।
अंकल – क्यों क्या हुआ?
मम्मी – नींद आ रही है।
अंकल – चलो बाय।
मम्मी – बाय।
तभी मम्मी भी बाहर आ रही थीं। मैंने तुरंत मम्मी का फ़ोन रख दिया। फिर मैं अपने रूम में आ गया। नितेश अंकल उस आंटी के फ्रेंड थे और आंटी ने ही मम्मी का नंबर अंकल को दिया था। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
आंटी – हेलो।
मम्मी – हाय।
आंटी – पहुँच गए घर?
मम्मी – हम्म।
आंटी – नितेश तुम्हारा नंबर माँग रहा था, दे दूँ?
मम्मी – किसलिए?
आंटी – तुम उसे पसंद आ गई हो।
मम्मी – अच्छा।
आंटी – वैसे तुम आज तो तुम एकदम सेक्सी लग रही थीं।
मम्मी – अच्छा जी थैंक्स।
आंटी – वेलकम जी।
मम्मी – लो आ गया मैसेज।
आंटी – नितेश का?
मम्मी – हम्म।
आंटी – चलो एन्जॉय करो।
मम्मी – बाय।
फिर थोड़ी देर मम्मी जब अपने रूम से निकलीं, तो मम्मी ने आज फिर से वही सेक्सी रूप में दिख रही थीं। मम्मी ने आज भी ब्लैक साड़ी, खुले बाल और हाई हील डाल रखी थी। माँ मेरे पास आईं और वह बोलीं…
मम्मी – मैं मार्केट जा रही हूँ, नितेश आ रहा है।
मैं – ओके।
मुझे पता चल गया कि आज कुछ न कुछ होगा, तो मैंने मम्मी के रूम में और बाथरूम में पेन कैमरा फ़िट कर दिया। मैंने फ़िट भी ऐसी जगह करी थी, कि किसी को पता न चले। क़रीब 1:30 घंटे बाद मम्मी आ गईं।
मम्मी सीधा अपने रूम में चली गईं। मैं अपना मोबाइल चलाने लग गया। तभी थोड़ी देर में डोर बेल बजी तो मम्मी गेट खोलने लग गईं। तब तक मैं नीचे आ गया था, तो मम्मी ने गेट खोला तो गेट पर नितेश अंकल कोट-पेंट डाले खड़े थे।
अंकल – हेलो काजल।
मम्मी – हाय।
Maa Aur Uncle Ki Sex Kahani
मैंने भी अंकल को नमस्ते किया, और फिर हम सब लोग बैठकर बातें करने लग गए। तब तक 8 बज चुके थे। जब मम्मी और अंकल दोनों बातें कर रहे थे। तो मैं किचन में गया, तो मैंने देखा वहाँ स्लीपिंग पिल्स पड़ी हैं। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
तो मुझे पता चल गया, कि ये मेरे लिए ही हैं। फिर वहाँ से आकर मैं चुपचाप उनके पास बैठ गया। मम्मी ने खाना तो ऑर्डर कर ही दिया था। फिर जब मम्मी खाना लेकर आईं। तो मैं अपना खाना लेकर अपने रूम में चला गया, और सारा खाना टॉयलेट में फेंक दिया।
और मैं चुपचाप आकर बेड पर बैठ गया। थोड़ी देर बाद मम्मी और अंकल ऊपर आ गए। तो मैंने सोने का नाटक किया, जिससे उन्हें पता चल गया कि मैं सो गया हूँ। मुझे सोता देखकर अंकल बोले – लगता है असर हो गया है।
मम्मी – हम्म।
अंकल – तो फिर चलें हम दोनों।
मम्मी – हम्म।
फिर अंकल और मम्मी दोनों नीचे आ गए, और अपने रूम में चले गए।
अंकल डोर लॉक कर देते हैं, तभी मम्मी बोलीं – डोर क्यों बंद कर दिया?
अंकल – विक्रम न उठ जाए इसलिए।
मम्मी – जान टेंशन क्यों ले रहे हो, मैंने उसे हाई पावर स्लीपिंग पिल्स दी हैं।
अंकल – अच्छा जी, चलो बंद रहने दो।
फिर अंकल मम्मी को बाँहों में भर लेते हैं, और वे स्मूच करने लगते हैं। अंकल मम्मी को बेड पर लिटा देते हैं, और खुद मम्मी के ऊपर आ जाते हैं। अंकल मम्मी के कभी ऊपर वाले तो कभी नीचे वाले लिप्स को चूस रहे थे।
क़रीब 10 मिनट लिप्स चूसने के बाद वे दोनों अलग होते हैं, तो दोनों वे हाँफने लग गए। फिर वे दोनों एक-दूसरे के मुँह को देख रहे होते हैं, फिर अंकल मम्मी की साड़ी उतारने लग गए। मम्मी बस अब ब्रा और पैंटी में होती हैं।
मम्मी का कलर एकदम व्हाइट था। मम्मी की बॉडी का शेप बॉलीवुड एक्ट्रेस जैसा है, और मम्मी की गाँड़ 2-5 सेमी तक बाहर को है। तो मम्मी पीछे से बहुत सेक्सी लग रही थीं, और वे वन पीस में बहुत अच्छी लग रही थीं। फिर अंकल अपने कपड़े भी उतार देते हैं, सिर्फ़ एक बॉक्सर ही रह जाती है।
अंकल मम्मी के बूब्स पर हाथ फेरने लगते हैं, फिर वे ऐसे ही अपने हाथ को पीछे ले जाते हैं। वे अब माँ की ब्रा के हुक्स को खोल देते हैं। मम्मी के गोल-गोल ऑरेंज जैसे मुलायम बूब्स अब आज़ाद हो जाते हैं। अंकल अब मम्मी के बूब्स को चूसने लगते हैं। मम्मी अब ज़ोर-ज़ोर से आवाज़ कर रही होती हैं।
मम्मी – उम्म आह आह।
अंकल लगातार मम्मी के बूब्स चूस रहे थे, और वे कभी लेफ़्ट तो कभी राइट वाले बूब्स को चूस रहे थे। थोड़ी देर बाद अंकल मम्मी की पैंटी को उतार देते हैं। मम्मी की चूत अब एकदम क्लीन शेव और पिंक-पिंक थी।
अंकल का मुँह तो खुला का खुला ही रह गया, और वे बोले – वाओ क्या मस्त चूत है, और तुम्हारी चूत तो एकदम कुँवारी चूत जैसी है। फिर अंकल ने अपनी जीभ जैसे ही मम्मी की चूत में डाली, तो मम्मी एकदम से मचल उठीं। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मम्मी – आह आहा कर रही थीं।
अंकल ने 3-4 मिनट तक मम्मी की चूत चाटी और उसमें वे उँगली करने लग गए। इससे मम्मी की चूत ने अपना पानी निकाल दिया, और अंकल ने मम्मी की चूत का सारा पानी चाट लिया। फिर अंकल ने अपना बॉक्सर उतारा और उनका 6.5 इंच का लंड अब मम्मी के सामने था। मम्मी उनका लंड देखकर बोलीं – नितेश तुम्हारा तो काफ़ी बड़ा है, आज तो मज़ा आ जाएगा।
अंकल – अभी तो बाक़ी है।
अंकल ने फिर अपना लंड मम्मी के सामने कर दिया, और वे बोले – काजल अब इसे अपने मुँह में ले लो।
मम्मी – नहीं मैंने आज तक कभी कोई लंड मुँह में नहीं लिया है।
अंकल – अरे इसके बिना तो मज़ा आधा है, तुम एक बार लेकर तो देखो तुम्हें भी बहुत मज़ा आएगा।
फिर मम्मी अंकल का लंड मुँह में लेती हैं, और वे उनके लंड को चूसने लग जाती हैं।
अंकल – आह आहा जान तुम क्या मस्त लंड चूसती हो, मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा है। और तुम्हें आ रहा है काजल?
मम्मी लंड को बाहर निकालकर बोलीं – मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है।
थोड़ी देर बाद लंड चूसने के बाद अंकल अपना सारा पानी मम्मी के मुँह में निकाल देते हैं। मम्मी तभी भागकर वॉशरूम में उसे थूककर मुँह धोकर वापस आती हैं।
मम्मी – नितेश तुम भी बहुत पागल हो जाते हो।
अंकल – मज़ा आया?
मम्मी – हम्म फ़र्स्ट टाइम था इसलिए।
फिर अंकल मम्मी के हाथ में एक कंडोम देते हैं, और मम्मी अंकल के लंड पर उसे चढ़ा देती हैं। अब वे खुद बेड पर लेट जाती हैं। फिर अंकल मम्मी से बोले – जान कोई लोशन है?
मम्मी – वहाँ ड्रॉअर में होगा।
अंकल लोशन ले आते हैं, और थोड़ा हाथ पर लेकर वे मम्मी की चूत पर रगड़ते हैं। क्योंकि मम्मी की चूत बहुत टाइट होती है, जब वे थोड़ी देर तक मम्मी की चूत पर लगाते ही रहते हैं।
मम्मी – क्या कर रहे हो अब डालो भी, मुझे अब और इंतज़ार नहीं हो रहा है?
फिर अंकल मम्मी की चूत पर लंड रखकर एक शॉट मारते हैं, और उनका लंड थोड़ा-सा मुँह की चूत में चला जाता है। मम्मी अब ज़ोर-ज़ोर से चीखने लगती हैं।
मम्मी – आह्ह आह्ह नितेश धीरे करो ना, मैं 2 साल बाद अपनी चूत में कुछ ले रही हूँ।
अंकल – दो साल बाद? चलो कोई बात नहीं अब मेरे लंड की इसे आदत हो जाएगी।
फिर बातों-बातों में अंकल ने एक और ज़ोर से शॉट मारा, और अब मम्मी की चूत में उनका आधा लंड चला गया।
मम्मी – आह आहा उफ़्फ़ नितेश इसे बाहर निकालो, वरना आज मैं इस दर्द से मर जाऊँगी।
Meri Maa Ki Chudai Ki Kahani
फिर अंकल मम्मी के लिप्स चूसते हैं, जिससे मम्मी का दर्द थोड़ा कम हो जाता है। फिर वे एक-दो शॉट मारने पर उनका लंड पूरा मम्मी की चूत में चला जाता है। मम्मी की आँखों से आँसू निकल आते हैं। फिर अंकल कुछ देर रुकने के बाद अंकल मम्मी को चोदने लगते हैं।
अंकल – काजल आई लव यू।
मम्मी – आई लव यू टू नितेश।
क़रीब 10 मिनट की चुदाई के बाद, नितेश बोला – काजल अब मेरा निकलने वाला है।
मम्मी – मेरा भी।
फिर वे दोनों एक साथ झड़ जाते हैं। फिर जब अंकल लंड बाहर निकालते हैं। तो मम्मी की चूत में से अंकल के लंड के पानी के साथ-साथ थोड़ा खून भी निकल रहा था। आज शायद मम्मी की चूत की सील टूट चुकी थी। फिर अंकल और मम्मी दोनों बाँहों में बाँह डालकर बेड पर लेट गए।
थोड़ी देर बाद दोनों उठे और बाथरूम में चले गए। वहाँ मम्मी और अंकल ने शावर लिया, और थोड़ी देर बाथटब में वे दोनों बैठे। अंकल मम्मी के नीचे थे। फिर थोड़ी देर बाथटब में रोमांस करने के बाद वे बेडरूम में आ गए। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर वे कंबल लेकर नंगे ही लेट गए। जब सुबह मैं उठा तो 10 बज चुके थे। मैंने तभी उठकर लैपटॉप देखा, तो मम्मी के रूम में कोई नहीं था। फिर मैंने जब प्लेबैक दिया, तो मैंने देखा कि मम्मी अपना सिर अंकल की छाती पर रखकर सो रही थीं।
फिर 7 बजे मम्मी उठीं और अंकल से वह बोलीं – गुड मॉर्निंग।
अंकल – गुड मॉर्निंग मेरी जान।
मम्मी – अब उठ भी जाओ।
अंकल – उठने का मन नहीं कर रहा है।
फिर मम्मी बाथरूम में जाती हैं, और नहाकर बाहर सिर्फ़ टॉवल में आती हैं। फिर वे टॉवल हटाकर खुद अपनी पूरी बॉडी पर लोशन लगाती हैं। उसके बाद मम्मी एक सेक्सी-सी नाइटवियर पहनकर बोलीं।
मम्मी – जान अब उठ भी जाओ, मैं चाय लेकर आती हूँ।
फिर मम्मी किचन में चली जाती हैं। थोड़ी देर बाद अंकल उठकर मुँह धोकर मम्मी के पास जाकर उन्हें पीछे से पकड़कर हग कर लेते हैं।
मम्मी – उठ गए अब छोड़ो मुझे, क्या कर रहे हो? विक्रम अब उठने वाला है।
अंकल – तो क्या हुआ?
फिर मम्मी और अंकल दोनों ब्रेकफ़ास्ट करते हैं। फिर अंकल रेडी होकर जाते हुए मम्मी से बोले।
अंकल – आज रेडी रहना घूमने और शॉपिंग के लिए।
मम्मी – ओके।
फिर मम्मी अंकल के लिप्स पर किस करती हैं, और अंकल बाय बोलकर चले जाते हैं। फिर थोड़ी देर बाद मैं नीचे आता हूँ, तो मम्मी मुझे आज बहुत ख़ुश नज़र आती हैं।
फिर मैं जानबूझकर मम्मी से पूछा – मम्मी अंकल नहीं नज़र आ रहे हैं?
मम्मी – बेटा वे तो रात को ही चले गए थे।
मैं – ओके मम्मी।
फिर मम्मी अपने रूम में चली जाती हैं।
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