Homosexual Sister XXX
दोस्तों, मेरा नाम नमिता है और मैं आज आपको अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रही हूँ। यह मेरी पहली कहानी है, इसलिए हो सकता है मुझे ग़लती हो सकती है। तो मैं आप सबसे उम्मीद करूँगी कि आप मेरी ग़लती को माफ़ कर देंगे। तो चलिए अब पहले मैं आपको अपने बारे में बताती हूँ।
मेरी हाइट 5’5 है और मेरे सेक्सी फिगर का साइज़ 34-30-34 है। और मुझे अपने इस सेक्सी फिगर पर बहुत नाज़ है। क्योंकि मेरे इसी फिगर की वजह से लड़के मेरे पीछे-पीछे कुत्तों की तरह घूमते हैं। मेरी फ़ैमिली में मेरे पापा, मम्मी और मेरे भैया, भाभी और दीदी और मैं हूँ।
यह बात उन दिनों की है, जब भैया की शादी हो रही थी। मेरे घर पर बहुत अच्छा माहौल बना हुआ था। मैं और मेरी दीदी कविता जो पूरी मेरी तरह थी। हम दोनों की सेम हाइट और फिगर भी क़रीब सेम ही था। क्योंकि हमारे मम्मी-पापा के जीन्स हम दोनों में एक जैसे आ गए थे। इसलिए हम दोनों सेम टू सेम एक जैसी थीं।
शादी वाले दिन सुबह जब सब तैयार हो रहे थे तो दीदी भी तैयार होने बाथरूम में गई हुई थीं। दीदी अपना टॉवल लेना भूल गई थीं, तो वह टॉवल लेने वापस आ गईं। इतने में मैं अपनी टी-शर्ट और लोअर उतारकर सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में थी। इतने में दीदी दरवाज़ा खोलकर रूम में आ गईं.
और मैं बोली – दीदी दरवाज़ा तो बंद कर दो, कोई ऐसा देख लेगा तो अच्छा रहेगा क्या?
दीदी दरवाज़ा बंद करके मुझे घूरने लग गईं.
तो मैंने उन्हें बोली – क्या हुआ दीदी, आप मुझे क्यों ऐसे घूर रही हो?
दीदी मुस्कुराते हुए बोलीं – मैं अपनी नमिता को देख रही हूँ, जो पता ही नहीं कि कब इतनी जवान हो गई है।
यह सुनकर मैं मुस्कुराने लग गई और दीदी बोलीं – तेरे बूब्स तो ब्रा के अंदर से ही मुझे पागल कर रहे हैं। ज़रा एक बार मुझे इनके दर्शन तो करवाओ ना।
मैं यह सुनकर शर्मा गई, क्योंकि मुझे अपने बूब्स की तारीफ़ सुनना सबसे ज़्यादा अच्छा लगता है। इतने में दीदी ने अपना एक हाथ मेरे बूब्स पर रखा और एक बूब्स को ब्रा से बाहर निकाल दिया। अब वह अपनी जीभ से मेरे बूब्स को चाटने लग गईं।
मुझे कुछ अलग-सा महसूस हुआ और मुझे अच्छा लगने लग गया। फिर मैंने अपनी ब्रा के हुक्स खुद खोल दिए और अपनी ब्रा को खुद उतारकर फेंक दिया। अब दीदी अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स को मसल रही थीं। वह मेरे एक बूब्स को अपने मुँह में लेकर चूस रही थीं। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वह मेरे बूब्स से दूध पीने की कोशिश कर रही थीं। इससे मेरे मुँह से मस्त आह्ह आहा की सिसकियाँ निकल रही थीं। मैं नहीं चाहती थी कि मेरे से कोई आवाज़ निकले। पर मैं क्या बताऊँ, उस टाइम मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा था। इसलिए मेरे मुँह से आह्ह आह्ह की मस्त आवाज़ें अपने आप निकल रही थीं।
फिर दीदी ने मेरी पैंटी को उतार दी और वह मेरी चूत में अपनी उँगली डालने लग गईं। उँगली चूत में जाते ही मैं पूरी तरह से तड़प उठी और मैं बोली – प्लीज़ दीदी ऐसा मत करो प्लीज़ आह्ह आह्ह। पर दीदी अब कहाँ रुकने वाली थीं। वह मेरी कुँवारी चूत में ज़ोर-ज़ोर से अपनी उँगलियाँ अंदर-बाहर कर रही थीं।
साथ ही वह अपने मुँह से मेरे बूब्स को चूस-चूसकर उसका मज़ा ले रही थीं। मेरे मुँह से मज़े से आहा आहा आह्ह ओह्ह उफ़्फ़ जैसी आवाज़ें निकल रही थीं। अब मैंने दीदी के भी सारे कपड़े निकाल दिए। मैंने खुद अपनी बहन को नंगी कर दिया। अब मैं भी उनकी तरह उनके दोनों बूब्स को चूस रही थी और उनकी चूत में उँगली कर रही थी।
मुझे भी अब मज़ा आ रहा था। फिर पता नहीं दीदी को क्या हुआ। वह उठीं और मेरे होंठों को चूसने लग गईं। इससे मुझे बहुत ज़्यादा ही मज़ा आने लग गया। क़रीब 8-10 मिनट किस करने के बाद दीदी मेरी प्यासी गीली चूत की तरफ़ बढ़ीं। अब वह मेरी चूत को चाटने लग गईं और मेरे मुँह से आह आह्ह आहा की आवाज़ें निकलने लग गईं।
मैं उनका सिर अपनी चूत में दबाकर बोली – वाओ दीदी आह आह्ह येस और ज़ोर से चूसो मेरी चूत। आह आहा आह्ह और ज़ोर से दीदी आह्ह आह्ह।
मैं इतने जोश में आ गई थी कि मैं दीदी के मुँह के अंदर ही झड़ गई। दीदी भी मेरी चूत का सारा पानी पी गईं और चाट-चाटकर वह मेरी चूत को साफ़ करने लग गईं।
दीदी – अभी लेट हो रहे हैं। हमें फिर मौक़ा मिला तो फिर और अच्छे से करेंगे।
मैं बेड पर लेटी ज़ोर-ज़ोर से साँसें ले रही थी। फिर दीदी बाथरूम में गईं और वह नहाकर बाहर आ गईं। जब तक मैं ऐसे ही नंगी बेड पर लेटी सोच रही थी कि आज दीदी ने यह मेरे साथ क्या कर दिया।
दीदी – चल अब तू भी नहा ले, हम लेट हो रहे हैं।
फिर मैं उठी और नहाकर आ गई। फिर हम दोनों बहनें तैयार होकर शादी के लिए निकल पड़ीं। उस दिन के बाद जब भी दीदी और मुझे मौक़ा मिलता है तो हम दोनों पूरी नंगी होकर एक-दूसरे की जवानी का मज़ा लेते हैं। दोस्तों मैं सच कह रही हूँ, इसमें मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा आता है। मेरी जितनी भी फीमेल दोस्त मेरी इस कहानी को पढ़ रही हैं, मैं उन्हें कहना चाहती हूँ। आप लाइफ़ में एक बार ज़रूर मेरे कहने पर लेस्बियन सेक्स ज़रूर करना। फिर आप मुझे ज़रूर याद करेंगी।
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ये Homosexual Sister XXX की कहानी आपको कैसी लगी मुझे कमेंट करके बताये…
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