Gandu Ki Chudai
मेरा नाम रौशन है, सब मुझे रौशनी बुलाते हैं। आज मैं आप सबको अपनी गाँड़ चुदाई की कहानी सुनाना चाहता हूँ। सबसे पहले तो मैं आपको अपने बारे में बता दूँ। मैं कानपुर की रहने वाली हूँ। मेरी हाइट 5’3 है और मेरा रंग दूध की तरह सफ़ेद है। मेरा साइज़ 30-26-32 है।
मेरे बूब्स अभी कमसिन लड़कियों की तरह हैं, जिनसे आप लोग अपनी पूरी प्यास बुझा सकते हैं। मैं बचपन से ही शर्मीली और खामोश रहने वाली लड़कियों की तरह हूँ। जिसकी वजह से लोग मुझे रौशनी कहकर बुलाते हैं। मेरे घरवाले भी मुझे यही कहते हैं कि रौशन तू एकदम लड़की है, तुझे तो लड़की बनकर ही पैदा होना चाहिए था।
जब मैं अपने घरवालों की बातें सुनती हूँ, तो मैं अपने आपको लड़की की तरह महसूस करती हूँ। और मैं सोचती हूँ कि कहीं न कहीं मेरे अंदर कोई लड़की ज़रूर है। इसलिए मुझे लड़कियों के कपड़े पहनने का बहुत शौक़ है। मैं हमेशा अपने रूम में ब्रा, पैंटी और नाइटी पहनकर सोती हूँ। यह मुझे बहुत अच्छा लगता है।
मेरे मोहल्ले का हर लड़का और सभी अंकल लोग मुझे चोदने के लिए बेक़रार रहते हैं। एक बार तो एक अंकल ने मुझे साफ़-साफ़ बोला। अंकल – रौशनी, मैं तुझे एक बार चोदना चाहता हूँ प्लीज़। यह सुनकर सबसे पहले मैं मुस्कुराई और फिर मैंने अपनी नज़रें नीचे कर लीं।
अब जब भी मैं घर से बाहर निकलती हूँ, तो वे अंकल मुझे वासना भरी नज़रों से देखते हैं। और मैं उन्हें स्माइल देकर निकल जाती हूँ। एक दिन ऐसा हुआ कि पापा के किसी दोस्त की डेथ हो गई थी, तो उनके अंतिम संस्कार के लिए घर के सभी लोग लखनऊ चले गए थे।
इसी बीच सिर्फ़ एक रात मुझे अकेले रहना था। तभी लोगों को शाम को जाना था और अगले दिन दोपहर तक आना था। बस मुझे एक रात अकेले घर पर गुज़ारनी थी। यह बात उन अंकल को पता चल गई, जो मुझे चोदना चाहते थे।
और फिर मेरे पापा ने उन्हें कहा – यार लक्षम्ण, रौशन घर पर अकेला है, तुम ज़रा उसका ख़्याल रखना। बस एक ही रात की बात है, हम कल दोपहर तक आ जाएँगे।
तभी लक्षम्ण अंकल मुझे वासना की नज़रों से देखते हुए बोले – भाई साहब आप परेशान न हों, मैं रौशन का पूरा-पूरा ख़्याल रखूँगा।
तभी मेरे चेहरे पर एक हल्की-सी मुस्कान की एक लहर आ गई और मेरी नज़रें शर्म से झुक गईं। मैंने भी मन बना लिया कि आज लक्षम्ण अंकल की दुल्हन बनना ही है। जैसे ही शाम होने लगी, तो मैं अपने आपको सजाने-सँवारने लग गई। मैंने एक लाल रंग का सूट पहना और लाल रंग का दुपट्टा लिया। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी पर पढ़ रहे है.
फिर मैंने अपने कानों में बालियाँ पहनीं और एक नथ अपनी नाक में डालकर हल्का-सा मेकअप कर लिया। साथ ही मैंने अपनी आँखों में काजल भी लगाया। मैंने अपने आपको मिरर में देखा तो मैं पूरी दुल्हन लग रही थी। तभी दरवाज़े की घंटी बजी। मैंने जाकर डोर खोला तो सामने लक्षम्ण अंकल खड़े थे। वे मुझे घूर-घूरकर देख रहे थे। उनकी नज़रें मेरे बूब्स पर थीं, जिनको पीने के लिए वे उतावले हो रहे थे। तभी मैंने एक इतराकर कहा।
मैं – क्या बात है अंकल, कैसे आना हुआ?
अंकल – अगर तुम्हें कोई दिक़्क़त न हो और तुम्हारी मर्ज़ी हो तो क्या मैं आज तुम्हारे साथ सो जाऊँ? क्योंकि वैसे भी तुम घर में अकेली हो ना।
मैं – जी लक्षम्ण अंकल, मुझे भी अकेले घर पर थोड़ा-सा डर लग रहा है। क्योंकि मैं पहली बार घर पर अकेली हूँ ना। मैं आपका बिस्तर ड्रॉइंग रूम में लगा देती हूँ। आज आप यहीं पर सो जाइए।
अंकल – ठीक है।
फिर मैं जाकर अपने रूम में लेट गई और मैंने अपने रूम का डोर बंद नहीं किया। क़रीब एक घंटे बाद ऐसा लगा जैसे मेरे रूम में कोई आया है। मैंने सोचा अंकल ही आए होंगे और कौन आ सकता है। वैसे भी आज अंकल की इच्छा पूरी होने वाली थी।
मैं सोने का बहाना करने लग गई। अंकल मेरे पीछे आकर मेरी कमर में हाथ डालकर लेट गए। मेरा बदन जलने लग गया। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं अपने पति के साथ लेटी हुई हूँ। तभी अंकल मेरे पीछे से मेरे कान में बोले – रौशनी, आज तो मैं तुम्हें चोदकर ही रहूँगा।
मैंने अपनी आँखें खोलीं और मैं अंकल की तरफ़ घूम गई। अंकल का हाथ अभी भी मेरी कमर पर था। मेरे घूमते ही अंकल ने मेरे होंठों पर किस कर लिया। मैं सँभल ही नहीं पाई कि अंकल ने मुझे दूसरा किस कर लिया। यह वाला किस काफ़ी देर तक चला।
काफ़ी देर तक मेरे होंठों को चूसने के बाद अंकल ने अपना एक हाथ मेरे सूट के अंदर डाला और वे मेरे बूब्स को मसलने लग गए। अंकल की हल्की-सी आवाज़ आई – रौशनी मेरी जान, मुझे आज तेरा दूध पीना है। मैंने भी अपना सूट ऊपर की तरफ़ सरकाया और मैंने अपने एक निप्पल को अंकल के मुँह में दे दिया।
अब अंकल बच्चों की तरह मेरे बूब्स में से दूध पी रहे थे। काफ़ी देर तक उन्होंने मेरे बूब्स चूसे और उसके बाद उन्होंने मेरी सलवार उतार दी। मैंने अंदर ब्लैक कलर की ब्रा-पैंटी पहनी हुई थी। अंकल की नज़र मेरी गाँड़ पर थी। उन्होंने मुझे पीछे की तरफ़ घुमाया और मेरी पैंटी को मेरी गाँड़ से अलग कर दिया।
उन्होंने अपना लंड मेरी गाँड़ की दरार में सटा दिया था। अंकल के गरम लंड का एहसास मुझे काफ़ी अच्छा लग रहा था और फिर शायद अंकल ने अपने लंड पर कुछ गीला-गीला सा लगाया। शायद वह उनका थूक था। मैंने भी अपनी गाँड़ उठाकर उनके लंड से सटा दी।
अब अंकल धीरे-धीरे अपना लंड मेरी गाँड़ में डालने लग गए। उनका लंड अजगर की तरह मेरी गाँड़ में जा रहा था। आह, उनका लंड मेरी गाँड़ के एंड तक चला गया। क़रीब 10 मिनट तक उन्होंने मुझे ऐसे चोदा और फिर अपने लंड का सारा पानी मेरी गाँड़ में डाल दिया।
जिसकी गर्माहट से मेरा बदन अकड़ गया और मैं अंकल की पत्नी बन गई। फिर अंकल मेरे पीछे से ही मेरी कमर में हाथ डालकर सो गए। इसी तरह अंकल ने रात को मुझे 2 बार चोदा। सुबह जब मेरी आँखें खुलीं तो मैं नहाकर दूध का गिलास लेकर अंकल के सामने खड़ी थी। उस समय मैं एक नाइटी और उसके अंदर ब्लैक कलर की ब्रा-पैंटी मैंने पहनी हुई थी। मैं अंकल से शर्माते हुए बोली – दूध पी लीजिए जी।
अंकल – मैं सिर्फ़ अपनी रौशनी का दूध पीऊँगा।
मेरी नज़र उनकी पत्नी होने के एहसास से शर्म से झुक गई और मैं वहाँ से जाने लगी।
तभी अंकल ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और वे बोले – क्यों, मुझे दूध नहीं पिलाओगी डार्लिंग?
मैं मुस्कुराई पर मैं कुछ नहीं बोली। इतने में अंकल ने मुझे अपनी तरफ़ घुमाया और मेरे होंठों को वे चूसने लग गए। फिर उन्होंने मुझे बिस्तर पर लिटाया और वे मेरा दूध पीने लग गए।
उस दिन मैंने अंकल को बहुत देर तक दूध पिलाया। इतने में फ़ोन की रिंग बजी। मैंने फ़ोन उठाया तो दूसरी साइड पापा थे।
पापा – बेटा रौशन, हमें यहाँ 3-4 दिन लग जाएँगे। क्या तुम वहाँ अकेले रह लोगे?
मैं – हाँ पापा, कोई बात नहीं।
पापा – अगर तुम्हें डर लगे तो लक्षम्ण अंकल को बुला लेना।
मैं – ठीक है पापा।
जैसे ही फ़ोन कट हुआ तो अंकल बोले – क्या हुआ?
मैंने उनको सब कुछ बता दिया। फिर क्या था, अंकल ने मुझे 3 दिन तक अपनी वाइफ़ बनाकर रखा। और इन तीन दिनों में उन्होंने मुझे कम से कम 15 बार जमकर चोदा। फिर तीन दिन के बाद मेरे घरवाले वापस आ गए और अंकल अपने घर चले गए। उस दिन से मेरी गाँड़ की सुंदरता और भी ज़्यादा बढ़ गई थी।
अब मैं हर दिन लड़की की तरह दिखने लग गई थी। मेरी गाँड़ के साइज़ में भी अब कुछ फ़र्क़ आ गया था। आख़िर अंकल ने मुझे 15 बार जमकर चोदा था, तो मेरी गाँड़ में फ़र्क़ तो आना ही था। तभी अगले हफ़्ते अंकल का दूसरे शहर में ट्रांसफ़र हो गया। अब मुझे एक हाल हो गया है। मुझे अभी तक किसी ने चोदा नहीं है। अंकल मुझसे हमेशा के लिए दूर चले गए और मेरी कली को फूल की तरह खिला गए। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी पर पढ़ रहे है.
ये Gandu Ki Chudai की कहानी आपको कैसी लगी मुझे कमेंट करके बताये…
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