Desi Shemale Sex Story
मैं शादीशुदा हूँ और मेरे पति हरदीप 40 साल के हैं, और वे एक नंबर के चुदक्कड़ इंसान हैं। उन्हें चुदाई के हरेक पोज़ पता हैं, और सबमें चुदाई की महारत हासिल है। नई-नई पोज़िशन में चुदाई करना उनकी एक हॉबी है, इसलिए उन्हें आजकल के वाइफ़ स्वैपिंग में कोई दिक़्क़त नहीं है।
मेरी शादी के क़रीब एक वीक में ही हरदीप ने मुझे अपने दोस्त नरेंद्र से चुदवा दिया था। अलग-अलग लंड से चुदकर मैं भी काफ़ी चुदाक्कड़ औरत बन गई थी। वैसे मुझे 18 से 20 साल के लड़कों से चुदने में बहुत मज़ा आता है। मैं ऐसे लड़कों की हमेशा तलाश में रहती हूँ।
हरदीप भी मेरे इस शौक़ को पूरा करने में मेरी पूरी हेल्प करते हैं। अब मैं आज की चूत चुदाई स्टोरी पर आती हूँ। हम दोनों ने पूरी एक ट्रिप का प्लान बनाया हुआ था। दोस्तों मैं आपको बता दूँ, कि मैं एकदम गोरी-चिट्टी आकर्षक औरत हूँ। मेरे बड़े-बड़े कसे हुए बूब्स और बाहर निकलती गाँड़ किसी को भी मेरा दीवाना बना देती है।
मैं एक कॉलेज में टीचर हूँ, मेरे पति हरदीप एक एमएनसी कंपनी में एक बड़ी पोस्ट पर काम करते हैं। हमें पैसों की कोई कमी नहीं है, और हम दोनों को आज ही अपनी ट्रिप के लिए निकलना था। पर हरदीप को मौक़े पर ही ऑफिस से एक अर्जेंट काम आ गया।
इसलिए हरदीप ने सारा प्लान ही कैंसल कर दिया। तो मैं अकेली ही ट्रिप के लिए निकल पड़ी। ट्रिप को पूरा करते हुए मैं सबसे पहले हावड़ा जंक्शन पर पहुँच गई। मैं प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेन का वेट कर रही थी, तभी मेरे पास एक 21 साल की लड़की आकर बैठ गई।
हाय-हेलो के बाद हमारी बातें शुरू हो गईं। उसका नाम भावना था। उसने बताया था कि वह भी पुरी ही जा रही है। बातों से वह लड़की मुझे काफ़ी अच्छी लग रही थी। भावना ने मुझे उसके साथ ट्रेन में सफ़र करने की मुझसे रिक्वेस्ट करी, तो मैं आसानी से मान गई।
मैंने सोचा मैं भी अकेली हूँ तो इसी बहाने इसका भी साथ हो जाएगा। फिर हम पुरी पहुँच गए और हम दोनों एक होटल में एक रूम बुक कर लिया। इसी बीच मैंने भावना से बहुत सारी बातें करीं, और उसने बताया कि उसकी शादी नहीं हुई है।
पर वह फिर भी चुदाई का मज़ा लेती रहती है। फिर होटल रूम में आने के साथ ही भावना बाथरूम में चली गई। ये देखकर मैं शॉक हो गई। ख़ैर फिर वह बाथरूम से सिर्फ़ टॉवल लपेटकर बाहर आई। वह गोरी और ऊपर उसके कसे हुए बूब्स क़सम से वह बहुत मस्त लग रही थी।
उसे देखकर मैं हँसते हुए बोली – तुम्हारे बूब्स तो सच में काफ़ी मस्त हैं।
भावना – आंटी आप घबराओ मत, अभी तो तुम्हें मैं बहुत कुछ दिखाऊँगी।
फिर भावना घाघरा और टॉप पहनकर मेरे साथ लेट गई, और मेरी गाँड़ उसकी तरफ़ थी। कुछ पलों के बाद भावना पूरी तरह मुझसे चिपक गई थी। मुझे मेरी गाँड़ पर लंड जैसा कुछ महसूस हुआ।
मैं – क्या बात है भावना तुम काफ़ी गरम हो रही हो?
भावना – हाँ आंटी अब मेरा मन चुदाई का हो रहा है।
मैं शॉक होकर उसकी तरफ़ पलट गई और मैंने देखा, कि भावना ने मेरा हाथ पकड़कर अपने घाघरे में घुसा दिया। मेरे हाथ में कोई लंबी-सी चीज़ लगी, तो मैं झट से समझ गई कि ये लंड है। मैं तभी जल्दी से घाघरे को खींचकर अलग कर दिया। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मेरे शॉक का कोई ठिकाना नहीं था, क्योंकि मेरे हाथों में एकदम खड़ा हुआ लंबा मोटा लंड था। और इसका मतलब भावना एक शीमेल थी। मैंने शीमेल के बारे में पढ़ा और सुना था। उसका लंड देखकर मैं काफ़ी ख़ुश हो गई थी। मेरा अब चुदाई का मन होने लग गया था।
और मैं दिमाग़ में उसके लंड से चुदाई के बारे में सोचने लग गई थी। अब मैं उसके लंड को बड़े प्यार से सहला रही थी। भावना धीरे-धीरे मेरे सारे कपड़े उतार रही थी। मैं भावना के सामने अब पूरी नंगी हो चुकी थी। अब भावना मेरी क्लीन शेव चूत को देखकर पागल-सी हो गई थी।
अब वह अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटने लग गई, और वह चूत को चाटते टाइम अपनी जीभ को मेरी चूत में डाल रही थी। फिर मुझसे भी रहा नहीं गया, तो मैं भी उसका लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लग गई। बीच-बीच में मैं उसके बूब्स और उसके निप्पल्स को अपने मुँह में लेकर अच्छे से चूस रही थी।
अब मुझसे रहा नहीं गया तो मैं बोली – भावना अब जल्दी से प्लीज़ अपना लंड मेरी चूत में डाल दो। भावना मेरी फ़ीलिंग समझ गई और उसने मुझे सीधा लिटा दिया। फिर उसने अपना लंड मेरी चूत पर सेट किया और फिर उसने ज़ोर से धक्का मार अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया।
मुझे बहुत दर्द हुआ पर उसके साथ मुझे मज़ा भी बहुत आया। अब भावना मुझे धीरे-धीरे चोद रही थी। उसका लंड बड़े मज़े में मेरी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था। उसका हर एक धक्का मुझे एक अलग ही मज़ा दे रहा था। मैं गाँड़ उछाल-उछालकर चुदाई का मज़ा ले रही थी।
भावना चुदाई के साथ चुदाई में मुझे जो मज़ा मिल रहा था, उसे मैं वर्ड्स में लिख नहीं सकती। वह मुझे बहुत ज़ोर-ज़ोर से चोद रही थी। मैं भी फ़ुल स्पीड में उसका साथ दे रही थी। अब मेरा जिस्म अकड़ने लग गया, और हम दोनों का पानी एक साथ मेरी चूत में निकल गया।
पर भावना अभी भी मुझे चोदे जा रही थी। थोड़ी देर बाद उसका फिर से निकल गया। अब वह मेरे ऊपर लेट गई थी, और मेरी चूत से हम दोनों का पानी निकल रहा था। फिर हम दोनों ने अपने-अपने नंबर शेयर किए, और वह मेरे ऊपर ही लेटकर सो गई थी।
फिर मैंने भावना को मेरे घर आने को कहा, तो वह मान गई। फिर मैं भावना को लेकर घर आई, और मैंने उसे हरदीप से मिलवाया। फिर हम तीनों ने मिलकर एक मस्त थ्रीसम सेक्स किया, जो मैं आपको इस चूत चुदाई स्टोरी के नेक्स्ट पार्ट में आपको बताऊँगी।
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ये Desi Shemale Sex Story आपको कैसी लगी मुझे कमेंट करके बताये…
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