Friend Mom Fuck
हेलो फ्रेंड्स, मैं दिलजीत सिंह पंजाब से हूँ और मेरी उम्र 24 साल है और मेरी हाइट 5’11 इंच है। मेरा एक दोस्त है जिसका नाम रोनित है और हम दोनों एक कॉलेज में पढ़ते थे। और यह कहानी उसकी माँ की प्यासी चूत चुदाई की है।
मैं बता दूँ कि वह मिश्रा है और हम सिख हैं। उसकी फ़ैमिली में उसके डैड जो कि एक गवर्नमेंट जॉब करते हैं, बस सैटरडे-संडे को घर रहते हैं और बाक़ी दिन वे जॉब करते हैं। रोनित की उम्र 23 साल थी और वह एक हैंडसम लड़का है और हम दोनों अच्छे ही फ्रेंड हैं।
तो जब उन लोगों को कहीं जाना होता था तो वे मुझे साथ ले जाते थे। उसकी मॉम का नाम मधु था। वह बहुत ही ब्यूटीफ़ुल थीं। उनको देखने के लिए लोग तरसते थे। उनकी एज 42 साल थी और उनका सेक्सी फ़िगर साइज़ 36-32-38 है, जो बहुत ही ख़ूबसूरत भी है।
गाँव के लोग बस उन्हें देखते ही रहते थे। मैंने कभी उनके लिए कुछ गलत नहीं सोचा था। मैं अक्सर उनके घर आता-जाता रहता था। उनकी बहुत इज़्ज़त थी हमारे गाँव में। तो एक दिन क्या हुआ रोनित का मुझे कॉल आया कि उसे सिटी जाना है उसके पापा के किसी दोस्त की शादी है।
तो अब मुझे भी उनके साथ शादी में जाना था। तो मैं तैयार हो गया और क़रीब 1 घंटे बाद मैं उनके घर चला गया। मैंने डोर खोला और मैंने रोनित को आवाज़ लगाई, पर अंदर कोई सुन नहीं रहा था। तो मैं अंदर गया पर मुझे कोई भी नहीं दिखा तो एक रूम से कुछ गुनगुनाने की आवाज़ आ रही थी।
मैंने शरारती मूड में डोर को ज़ोर से धक्का मारा। वहाँ पर आंटी थीं और उन्हें देखकर मैं शॉक हो गया। क्योंकि आंटी नहाकर आई थीं और मिरर के सामने पूरी न्यूड खड़ी थीं। मैं तो बस उन्हें देखता ही रह गया।
आंटी ने बोला – तुम यहाँ मेरे रूम में क्यों आए हो? उन्होंने बेडशीट से अपने जिस्म को ढक लिया.
और मैं बोला – सॉरी मैं रोनित को देख रहा था। मुझे लगा कि वह यहाँ होगा।
आंटी – वह यहाँ नहीं है। वह बाहर शॉप पर सामान लेने गया है। अब तुम यहाँ से जाओ और बाहर बैठो।
मैं बाहर सोफ़े पर बैठ गया। मुझे अब डर लग रहा था। और मेरी आँखों के सामने अब आंटी का नंगा जिस्म बार-बार आ रहा था। आंटी के बड़े-बड़े गोरे-गोरे बूब्स मन कर रहा था कि अभी जाकर खा जाऊँ। उनकी प्यासी चूत पूरी बालों से भरी हुई थी।
Dost Ki Sexy Mummy Ki Kamukata
उनका गोरा जिस्म मैं सोच-सोचकर पागल हो रहा था। इतने में आंटी तैयार हो गईं और रोनित भी आ गया। उसने मुझे हेलो बोला और इतने में आंटी अपने रूम से बाहर आ गईं। अब वह मुझसे नज़र नहीं मिला रही थीं। अब मेरा उनको देखने का नज़रिया ही बदल चुका था।
अब मेरे सामने वह काम की देवी थीं। तो अब हम कार में बैठकर शादी में चले गए। वहाँ मैं आंटी को देख रहा था और जब हम वहाँ बैठकर खाना खाने लगे तो आंटी मेरे पास चेयर पर आकर बैठ गईं। यह सब नॉर्मल था क्योंकि अंकल और आंटी मुझे अपने बेटे की तरह प्यार करते थे। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
तो मैं आंटी से धीरे से बोला – प्लीज़ आंटी आज सुबह वाली बात किसी को मत बताना। यह सब मुझसे गलती से हुआ था।
मैंने मन में सोचा अब काम बन जाएगा और अब मैं उनको चोदने का प्लान बनाने लग गया। तो हम शाम को शादी से वापस घर आ गए और फिर 2-3 दिन बाद हमारे कॉलेज का एक दिन का टूर जाना था। मैंने बहाना बनाया और मैं उसमें नहीं गया और रोनित उसमें चला गया।
मैं उसके बाद उसके घर गया और अंदर जाकर मैंने देखा कि आंटी बेड पर उल्टी लेटी हुई लैपटॉप पर पॉर्न वीडियो देख रही थीं। मैं चुपके से उनके पीछे जाकर खड़ा हो गया। आंटी बहुत मस्त हो रही थीं। उनका एक हाथ उनकी सलवार में था। वह वीडियो देखने में इतनी बिज़ी थीं कि उनको पता ही नहीं चला कि मैं उनके पीछे खड़ा हूँ। फिर मैंने उनकी गाँड़ पर हाथ रख दिया।
वह एकदम से चौंक गईं और वह बोलीं – दिलजीत तुम यहाँ कैसे?
मैं – आंटी जिस दिन से आपको मैंने नंगी देखा है मुझे तो आपसे प्यार हो गया है।
आंटी – नहीं दिलजीत हम ऐसा कुछ नहीं कर सकते हैं। मैं तेरी माँ जैसी हूँ।
मैं – माँ तो नहीं हो ना और आप यह क्या कर रही थीं। आग तो आपके अंदर भी लगी हुई है। आपको भी किसी की ज़रूरत है ना?
आंटी कुछ भी बोलीं और मैं उनको पकड़कर लिप्स किस करना शुरू कर दिया। आंटी भी अब मेरा साथ दे रही थीं और 10 मिनट की ज़ोरदार किस के बाद आंटी बोलीं।
आंटी – दिलजीत मैं भी बहुत पहले से तुमसे प्यार करती हूँ। जब एक बार तुम हमारे घर पर सो रहे थे तो मैं तुम्हें चाय देने आई थी। तब मैंने तुम्हारा लंड देखा था। तब मुझे एक अजीब-सी फ़ीलिंग हुई थी। उस दिन से मैं तुम्हें पाना चाहती थी। जिस दिन तुमने मुझे नंगी देखा था तो मेरा मन भी तुमसे चुदने का था। और आज जब तुम अंदर आ रहे थे तभी मैंने यह सब प्लान बनाया।
मैं – ओह आंटी आप तो मुझसे भी एक क़दम आगे निकलीं। क्या अंकल आपको मज़ा नहीं देते क्या?
आंटी – अब वे बूढ़े हो चुके हैं। अब वे 3-4 मिनट करके सो जाते हैं।
मैं – तो आपका कोई बॉयफ़्रेंड नहीं है क्या?
आंटी – प्रपोज़ तो बहुत लोगों ने किया है पर बदनामी के कारण मुझे डर लगता था। इसलिए मैंने तुम्हें चुना है। तुम पर कोई शक भी नहीं करेगा और मेरा काम भी बन जाएगा।
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फिर मैंने आंटी को बेड पर लिटा दिया और मैं उनके ऊपर आ गया और उनके बूब्स को दबाने लग गया। साथ ही मैं उनको किस कर रहा था। मैंने आंटी का कुर्ता निकाल दिया। उन्हें रेड ब्रा में देखकर मैं पागल हो गया। मैंने उनकी ब्रा को उतार दिया।
फिर मैं उनके बूब्स को देखकर पागलों की तरह उन पर टूट पड़ा और मैं उन्हें चूसने और मसलने लग गया। आंटी की पैंटी अब तक गीली हो गई थी तो मैंने आंटी की पैंटी को उतार दिया। उनकी क्लीन शेव्ड चूत को देखकर मैं पागल गया। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं – ये शेव कब करी?
आंटी – जब तुमने टूर पर जाने से रोनित को मना कर दिया था। मुझे पता था कि तुम ज़रूर मेरे साथ यह सब करोगे। तो मैंने आज सुबह ही अपनी चूत को तुम्हारे लिए शेव कर लिया।
यह सुनकर हम दोनों हँसने लग गए। तो मैंने उनकी प्यासी चूत पर अपना मुँह रख दिया। आंटी की इससे सिसकियाँ निकलने लग गईं और वह बोलीं – आह आहा ऐसे ही चूसो मेरी प्यासी चूत मेरे बॉयफ़्रेंड।
मैं उनकी चूत को चाट रहा था। आंटी इतने में ही झड़ गईं। आंटी मेरे सिर पर हाथ रखा और मेरा सिर अपनी चूत पर दबा दिया।
आंटी – ऐसा मज़ा मुझे आज तक कभी नहीं आया है।
मैं – अभी तो आगे-आगे देखो क्या-क्या होता है।
फिर आंटी ने मेरी शर्ट उतार दी और पैंट भी उतार दी। मेरा लंड अंडरवियर में तनकर फँसा हुआ था। आंटी मेरे निप्पल्स को चूसने लग गईं और मुझे चूमते-चूमते नीचे जाने लग गईं। फिर उन्होंने मेरा अंडरवियर उतार दिया और मेरा लंड तो अब फटने को तैयार हो रहा था।
आंटी – जितना सोचा था ये तो उससे भी बड़ा और मोटा है।
आंटी बिना कुछ सोचे-समझे मेरे लंड को चूसने लग गईं। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। क़रीब 10 मिनट तक उन्होंने मेरा लंड ऐसे चूसा कि मैं अब झड़ने वाला था।
मैं – आंटी मैं अब झड़ने वाला हूँ।
आंटी – कोई बात नहीं।
फिर आंटी ने मेरा सारा पानी पी लिया। फिर आंटी मेरे ऊपर 69 की पोज़िशन में आ गईं और वह मेरा लंड चूसने लग गईं। मैं भी अब उनकी प्यासी चूत को चूस रहा था। मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था।
फिर आंटी मेरे नीचे आईं और वह बोलीं – अब डाल दो मुझे और मत तड़पाओ।
मैंने उनकी चूत पर गीला लंड रखकर एक धक्का मारा। मेरा अब आधा लंड अंदर चला गया।
आंटी – आह आहा मज़ा आ गया।
फिर मैंने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। मैंने उनकी टाँगें ऊपर अपने शोल्डर पर रखीं और मैं धक्के मारने लग गया।
आंटी – धीरे करो यार। अंदर बच्चेदानी पर तुम्हारा लंड लग रहा है।
क़रीब 10 मिनट तक चोदने के बाद आंटी झड़ने वाली थीं.
तो वह बोलीं – आह आँह मुझे और ज़ोर से चोदो।
फिर मैंने उन्हें घोड़ी बना दिया और वह बोलीं – ये मेरी फ़ेवरेट पोज़िशन है।
मैंने उनको अपना लंड अच्छे से चुसवाया और फिर पीछे से आकर मैं उनकी गाँड़ को देखने लग गया। उनकी गाँड़ बहुत ज़्यादा सुंदर थी। मैंने उनकी गाँड़ के होल पर किस किया। फिर मैंने लंड को उनकी प्यासी चूत में डाल दिया.
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और मैं बोला – आपने कभी गाँड़ मरवाई है?
आंटी – नहीं कभी नहीं।
मैं – कोई बात नहीं आज मैं मारूँगा।
आंटी – किसी और दिन मार लेना पर आज मुझे चूत मरवाने का मज़ा दे दो। अब तुम मुझे ज़ोर-ज़ोर से चोदो ना।
फिर मैंने उन्हें बहुत ज़ोर-ज़ोर से चोदने लग गया.
आंटी बोली – आह आँह हाये रब्बा तुम तो मुझे आज मार ही दोगे। अब और ज़ोर से चोदो मेरी प्यासी चूत को अपने लंड से फाड़ दो आज।
अब पूरा रूम थप-थप की आवाज़ से गूँज रहा था। आंटी अब झड़ने लग गईं क्योंकि उनकी प्यासी चूत से अब पानी निकलकर टपक रहा था।
आंटी – इतना मज़ा मुझे पहले कभी नहीं आया। दिलजीत आई लव यू।
मैं – आई लव यू टू बेबी।
फिर मैंने उनको बेड से नीचे उतारकर आगे झुकने को बोला। मैं पीछे खड़ा होकर अब उन्हें चोदने लग गया। क़रीब 5 मिनट बाद मैं अब झड़ने वाला था। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
आंटी – सारा पानी मेरे मुँह में आना चाहिए।
फिर आंटी नीचे बैठ गईं और मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लग गईं और फिर से वह मेरा सारा माल पी गईं। अब हम दोनों काफ़ी ज़्यादा थक चुके थे तो हम दोनों हाथ में बाथरूम में गए। और एक साथ नहाने लग गए। फिर आंटी ने मुझे अपने हाथों से खाना खिलाया। जब मैं घर जाने लगा.
तो आंटी बोलीं – अब फिर कब आओगे?
मैं – जल्दी ही आऊँगा जब आप मुझे चोदने के लिए बुलाओगी। पर अगली बार मैं आपकी गाँड़ ज़रूर मारूँगा।
आंटी स्माइल करने लग गईं और वह बोलीं – मेरे बॉयफ़्रेंड मैं तुमसे अपनी गाँड़ मरवाने के लिए तैयारी रहूँगी।
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