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मेरी यह चूत-लंड की कहानी सच्ची है। मेरी हाइट 5’7″ और मैं बस पतला हूँ पर मेरे लंड में बहुत ताकत है। यह बात 2025 की है, जब मैं गाज़ियाबाद में रहने आया था। मैं 2 बीएचके में अपनी दो चचेरी मौसियों के साथ रहता था, जो वहाँ पिछले 6 साल से रह रही थीं।
बड़ी मौसी का नाम रागिनी है, और वह 27 साल की थीं और तब उनका बदन गोरा और भरा हुआ था। उनके बूब्स और उनकी बड़ी गाँड़ पतली-सी कमर पर मस्त लगती थीं। छोटी मौसी का नाम प्रियंका है, और उनकी उम्र 23 साल थी, पर वह दुबली-पतली हैं। पर बूब्स एकदम संतरे जैसे थे।
उनके बूब्स ज़्यादा बड़े नहीं थे, पर जो फेस कट था वो बहुत प्यारा था। उन पर मोहल्ले के काफ़ी लड़के डोरे डालते रहते थे, पर ये किसी में इंटरेस्टेड नहीं थीं। बड़ी मौसी जॉब करती थीं, और छोटी मौसी घर पे ही एसएससी की प्रिपरेशन करती थीं।
मैं इन ही के साथ इंटर में पढ़ने आया था, क्योंकि यहाँ का माहौल मेरे मॉम-डैड को बहुत अच्छा लगता था। यह मेरे पहले सेक्स एक्सपीरियंस की कहानी है, जो मेरे मकान मालिक की बेटी के साथ हुआ था। उसका नाम खुशबू है और वह बीए 2nd ईयर में पढ़ती थी, और उसका सेक्सी फ़िगर साइज़ 34C-28-35 है।
उसका रंग बहुत सफ़ेद है। मैं उस टाइम इंटर में पढ़ता था और ट्यूशन साइकिल पर जाया करता। ये अपने रूम में बैठकर खिड़की से मुझे देखा करती थी। एक दिन जब मैं साइकिल रूम पर लॉक कर रहा था, तो उसने मुझसे बात करने की कोशिश करी।
खुशबू – आप साइकिल पर कितना ज़्यादा घूमते हो?
मैं – घूमता नहीं ट्यूशन जाता हूँ।
खुशबू – क्या पढ़ते हो आप?
मैं – मुझे आप मत बोला कीजिए, देखकर ही लगता है कि आप मुझसे बड़ी हैं। तो अच्छा नहीं लगता आप वर्ड आपके मुँह से सुनने से।
खुशबू – आव्व तुम्हें बात नहीं करती आती क्या?
मैं – मैंने ऐसा क्या बोल दिया?
खुशबू – मैं इतनी बड़ी लगती हूँ क्या?
मैं – फिर कभी बताऊँगा। फ़िलहाल बहुत भूख लगी है, इसलिए खाने जा रहा हूँ बाय।
फिर अगले दिन सुबह जब मैं क्लास जा रहा था, तो वह फ़्लोरल टॉप पहनकर खिड़की से मुझसे पूछ रही थी, कि ये टॉप कैसा लग रहा है?
मैं जल्दी में था, इसलिए मैं ठीक है बोलकर आगे चलता बना। जब मैं वापस आकर शाम को रूम के बाहर बैठा हुआ था। तभी उसका भाई घूमकर आया, और खुशबू को गेट खोलने के लिए बुलाने लगा। वह बाहर आकर गेट खोलकर खिड़की पर अपना फ़ोन लेकर बैठ गई। भाई को उसने खाने को बोल दिया, इसलिए वह अंदर चला गया।
तो उसने मुझे इशारे में कहा, कि मुझे तुमसे बात करनी है।
तो मैं बोला – बात तो कर रहे हैं?
खुशबू – ऐसे नहीं कल आप ट्यूशन से आने पर बताना।
मैं – मैं तुम्हें कैसे बताऊँगा?
खुशबू – मैं इस खिड़की बंद करके यहीं बैठी रहूँगी, आप बस खिड़की को 2 बार बजा देना ओके।
मैंने कुछ कहना चाहा, तो उसने अभी चुप रहने को इशारा करके मुझे जाने बोल दिया। मुझे बिल्कुल पता नहीं था, कि कल मैं इसकी चूत चोद रहा हूँगा। मैं कुछ और ही सोच रहा था, कि कोई सीक्रेट होगा या इसको कोई हेल्प चाहिए होगी किसी चीज़ में।
ये सब मैं सोच ही रहा था, कि उसने खिड़की के गैप में से मेरे कान पकड़कर मुझे एक फ़्रेंच किस कर दी और जाने बोल दिया। वो किस लगभग 4 या 5 सेकंड का होगा, मेरे दोस्त पर मेरा पहला अनुभव मुझे बहुत ज़्यादा अच्छा लगा। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं स्माइल करता हुआ अपने रूम की तरफ़ मुड़ ही रहा था, कि मेरी छोटी मौसी वो आवाज़ लगा रही थीं कि शॉप से शैम्पू ले आओ। कल मैं ट्यूशन के लिए निकलकर दोस्त के पास साइकिल लगाकर चुपके से वापस आ गया। इसकी खिड़की पर 2 बार दस्तक दी, उसने अपनी चूड़ियाँ खनकाते हुए दरवाज़ा खोला और मुझे अजीब-से नज़रों से देखती हुई बोली।
खुशबू – साइकिल कहाँ है आपकी?
मैं – आपको साइकिल का काम था?
तो मुझे किस करने की क्या ज़रूरत पड़ी, वह गुस्से में मेरा कॉलर खींचते हुए अपने रूम में ले गई। फिर वापस आकर उसने दरवाज़े बंद कर दिए, मैं इस बीच वहाँ सोफे पर बैठ गया था।
तभी वह वापस आई और मुझसे पूछने लग गई कि कुछ खाओगे?
मैं – भूख तो लगी है?
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मेरे इतना बोलते ही वह आकर अपनी पीठ के बल मेरे ऊपर बैठ गई। मेरा लंड एकदम खड़ा होकर फटने वाला हो गया था, और इसकी वजह से मुझे चेयर पर ही लेट जाना पड़ा। ऐसे ही 10-15 सेकंड के बाद मैंने पीछे से उसके बूब्स दबाते हुए अपना लंड उसकी गाँड़ पर रगड़ना शुरू कर दिया।
उसने मेरे एक हाथ को पकड़ लिया पर उसने कोई विरोध नहीं किया। तो मैंने दूसरे हाथ से उसके फेस को अपनी तरफ़ करके उसके होंठों को चूसने लग गया। वह इस कारण से पूरी तरह खुल गई थी, और मेरे पैरों से अपनी जाँघें घिसते हुए मेरे होंठों को अपने होंठों से चूसने लग गई।
वहाँ लेटे-लेटे किस ख़त्म करके वह मेरी आँखों में देखकर मुस्काने लग गई। और मैंने दोबारा उसको स्मूच करने लग गया, क़रीब 5 मिनट बाद जब उसने आँखें खोलीं तो अपना फेस मुझसे छुपाने की कोशिश करने लग गई।
मैंने उसे अपने ऊपर से उठाया और खड़ा होकर मैं अपनी शर्ट उतारने लग गया। वह ये देखकर अपना फेस दूसरी तरफ़ करके खड़ी हो गई। मुझे पता नहीं क्या हुआ कि मैंने एक बहुत ज़ोर का थप्पड़ उसकी गाँड़ पर मारते हुए, मैंने पीछे से उसकी कमर को पकड़ ली।
वह बड़ी तेज़ चीखी थी और मुझे धीरे से मुक्का मारते हुए आगे बढ़ने लग गई। मैंने उसकी कमर पकड़कर वापस अपनी तरफ़ खींचा और उसकी नेक को किस करते हुए, जींस उसकी गाँड़ पर हाथ रगड़ने लगा। वह मेरे हाथों को अपने बूब्स पर रखकर मसल रही थी।
मैं उसके सूट की ज़िप अपने माउथ से ओपन करने लग गया, फिर मैंने उसके सूट को और नीचे कर रहा था। ये सब होते हुए उसने मुझे रुकने को बोला, पर मैं रुका नहीं किस करता ही गया। मैं उसकी चूत को सलवार के ऊपर से ही मसलने लग गया।
वह गुस्से में बोली – सूट फट जाएगा यार प्लीज़ 1 मिनट रुक जाओ।
तो मैं उससे अलग होकर अपनी जींस उतारने लग गया, और मैं सिर्फ़ अंडरवियर में था। जिसमें मेरा खड़ा लंड वह देखकर हँसने लग गई, तो मैंने उसकी चूत को सलवार के ऊपर से ज़ोर से रगड़ दिया। जिससे वह एकदम पागल हो गई, और मेरे सीने से लिपट गई।
मैंने पीछे से उसकी ब्रा को अनहुक करते हुए उसकी गाँड़ मसलने लग गया। जब उसके निप्पल का स्पर्श मेरे सीने से हुआ, तो मैं उसके सलवार का नाड़ा ढूँढ़ने लगा। पर वो मिला नहीं तो वह खुद अपनी सलवार खोलने लग गई।
नाड़ा खोलते ही मैंने उसकी सलवार पैंटी के साथ ही निकाल दी, और अपना लंड अंडरवियर के अंदर से ही उसकी चूत पे रगड़ते हुए मैंने उसे अपनी गोद में उठाकर किस करना लग गया। वह मेरी गर्दन और कंधे को अपने नाखूनों से नोचने लग गई।
मैंने वहीं उसे उसके ही बिस्तर पर बैठकर उसे नीचे उतारा और उसे नीचे बैठने को मैंने बोला। वह अजीब तरीके से मुझे देखते हुए नीचे बैठ गई, मैंने उसके हाथ को अपने लंड पर जैसे ही रखा तो उसने तभी अपना हाथ हटा लिया। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं – देख तो लो कम से कम।
वह मेरा अंडरवियर उतारकर दूसरी तरफ़ फेस करके लंड पकड़ते हुए थी। मैंने उसके हाथ को पकड़कर उसे सहलाने को बोला, तो वह मुझे गुस्से से देखने लग गई।
मैं – क्या हुआ?
वह बिना कुछ बोले खड़ी होकर मेरे लंड पर बैठती चली गई, और आहाआह्ह करते हुए मेरी गर्दन को पकड़ने लग गई। मैंने देखा कि बस लंड का सुपाड़ा ही अंदर है, तो मैंने उसकी जाँघों को पकड़कर नीचे से धक्का देते हुए मैं खड़ा होने लग गया।
वह ज़ोर से सिसकते हुए मेरे सीने से लिपट गई। लंड अभी आधे से कम ही घुसा था, इसलिए मैंने उसे बिस्तर पर लेटने को बोल दिया। वह झट से पीठ के बल लेटकर दोनों टाँगों के बीच जगह बना ली। मैंने अभी ग़ौर से उसकी चूत को देखा तो खून की एक पतली धार नीचे बह रही थी।
मैंने सोचा कच्ची माल है अब मज़ा आएगा। मैं अपने लंड को उसके खून से रगड़ते हुए उसे मैं किस करना लग गया। मैंने उसकी जाँघों को पकड़कर एक बहुत ज़ोर का झटका मारा, तो लंड आधा घुस गया। वह चीख मेरे मुँह में ही दबके बस एक कसक बन गई, वह मेरे बालों को ज़ोर से पकड़कर मुझे देखने लग गई। अब हम दोनों किस करने लग गए, और उसकी आँखों में आँसू बह रहे थे।
अब वह बोली – तू धीरे नहीं कर सकते आआह आ आहा।
मैंने उसके बोलने के पहले ही दूसरा झटका दे मारा, इस बार उसकी चीख बहुत तेज़ निकली थी। इससे पहले कि वह आँख बंद करती कि मैंने ज़ोर देते हुए झटका देकर अपने झाँट के बाल उसकी गाँड़ से मिला दिए।
वह बिलबिलाकर चीखने ही वाली थी, कि मैंने उसे दोबारा किस करने लग गया। मैं उसी पोज़िशन में रुका रहा, उसके बूब्स दबाते हुए किस करता रहा। क़रीब 10 मिनट बाद जब उसने मेरी कमर को पैरों से बाँध ली, तो मैंने उससे किस तोड़ा।
वह बहुत गुस्से में देख रही थी, और वह बोली – तुम जाहिल हो क्या?
मैं – क्या हुआ?
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अब वह कुछ नहीं बोली, और वह खुद अपनी गाँड़ थोड़ा हिलाने लग गई। मैंने ऊपर से धक्के देने स्टार्ट कर दिए, उसकी सिसकियाँ फिर शुरू हो गईं। 10 झटकों के अंदर ही मेरा उसमें पानी निकल गया, तो वह बहुत ख़ुशी से मेरी तरफ़ देख रही थी। मैं बस आआह आआह आआह्ह करके उसकी चूत को अपने रस से भर रहा था। मेरा पानी निकलते ही मैं उसके ऊपर ही लेटा पड़ा रहा।
उसने थोड़ी देर बाद मुझे पूछा – तुम्हारा हो गया क्या?
मैंने कुछ नहीं बोला.
तो वह बोली – तुम इतना कम क्यों बोलते हो?
मैं उसके बूब्स दबाते हुए उससे कहा – जब नीचे कोई लड़की लेटी हो, तो बोलना नहीं बस चोदते रहना चाहिए।
उसने मुँह बनाते हुए कहा – तुम इतना गंदा सोचते हो?
मैं – इसमें सोचना क्या है, मैं तुम्हें चोद रहा हूँ और तुम चुद रही हो। इसमें गंदा क्या है?
वह फेस दूसरी तरफ़ कर लिया तो मैंने कहा – बस एक ही बार में ख़ुश हो गई?
खुशबू सीरियस होते हुए मुझसे बोली – ये तुम्हारा ये फ़र्स्ट टाइम था क्या?
मैंने उसके हाथों में अपना लंड पकड़वाते हुए बोला – हाँ फ़र्स्ट टाइम था, तभी तो मैं इतनी जल्दी झड़ गया।
मैं – तेरा तो ये फ़र्स्ट टाइम नहीं लगता है?
खुशबू – तुम ऐसे क्यों बोल रहे हो?
मैंने उसे अपना लंड फेस की तरफ़ करते हुए चूसने को बोला, तो वह मुँह बनाने लग गई और वह बोली – आज नहीं।
मैं आगे बढ़कर लंड उसके लिप्स पर घुमाते हुए गाल पर रगड़ते बोला – प्लीज़ एक बार मुँह में ले लो तो ये खड़ा हो जाएगा।
खुशबू – ये तो पहले से खड़ा है।
ये कहकर वह हँसने लग गई, और वह मेरे लंड को सहलाने लग गई।
मैं अपनी एक उँगली उसकी चूत में घुसाते हुए बोला – क्या मस्त चीज़ है ये वाह?
फिर मैं धीरे-धीरे अंदर-बाहर करके फ़िंगर से फ़क करने लग गया। वह अब बस अपना हाथ मेरे लंड को सहलाते हुए मोन कर रही थी। इसी बीच वह झड़ गई और आँख खोलकर मेरी गोद में बैठकर मुझे किस करने लग गई। मेरा खड़ा लंड उसकी नाभि से रगड़ खाते हुए, मैं उसकी गाँड़ मसल रहा था। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
क़रीब 5 मिनट की किस के बाद उसने मेरा लंड अपनी चूत में सेट करने लग गई, और धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लग गई। मैंने उसे लेटने को बोला, तो झट से लेट गई और मैं उसके ऊपर चढ़कर उसकी गाँड़ में लंड डालने लगा। तो वह बिल्कुल आगे हो गई, मुझे नोचकर मना करने लग गई।
मैं अनजान बनते हुए कहा कि क्या हो गया? उसने लंड पकड़कर चूत पर सेट किया तो मैंने दोबारा बहुत तेज़ धक्का मारकर उसकी चूत में लंड डाल दिया। वह अपने हाथ से मेरी जाँघों को धक्का देने लग गई, और वह बहुत तेज़ चिल्ला पड़ी। अब मैं उसकी चूत का भोसड़ा बनाने में मस्त हो गया। वह बस मोन करते हुए धीरे-धीरे करने को बोलने लग गई। क़रीब 10 मिनट मिशनरी पोज़िशन में उसकी चूत चोदने पर मैंने उससे पूछा।
मैं – तेरा भाई कब वापस आएगा?
वह बस मोन करते हुए बोली – अभी टाइम है उसके आने में।
मैंने चोदते हुए पूछा – कहाँ गया है वो?
खुशबू – आज उसके स्कूल से ट्रिप जाने वाली थी, इसलिए वह सीधा रात को 8 बजे के बाद ही आएगा।
मैं हँसते हुए उसे अपनी गोद में लेकर पोज़िशन चेंज करते हुए मैं उसे चोदने लग गया।
खुशबू – तुम हँस क्यों रहे हो?
मैंने झटके तेज़ करते हुए बोला – ट्रिप पर तेरा भाई गया है, पर जन्नत की ट्रिप तो उसकी बहन ही कर रही है।
ये बोलते हुए मैं उसके बूब्स चूसने लग गया, वह मेरे सर को सहलाती हुई सिसकारियाँ ले रही थी। मैंने टाइम देखा तो अभी 4 भी नहीं बजे थे, मैं बिस्तर पर लेटकर उसे अपने लंड पे बैठने को बोला। वह थोड़ा पानी पीकर बैठने लग गई, और अपनी कमर ऊपर-नीचे करने लग गई।
मैं बस नीचे लेटे-लेटे उसके बूब्स को मसलते हुए उसकी गाँड़ दबाने लग गया। क़रीब 15 मिनट उसको उछालने से मेरा स्पर्म निकलने ही वाला था, इसलिए मैंने नीचे से तेज़ धक्के देते हुए बैठने लग गया। और मेरी नज़र खिड़की पर पड़ी वहाँ मेरी छोटी मौसी खड़ी दिखीं, तो मुझे अंदर से बहुत डर लगा। तो मैंने झटके देने बंद कर दिए, वह पूछने लगी।
खुशबू – क्या हो गया तुम्हें?
फिर वह मेरा सर पकड़कर अपनी कमर लंड के ऊपर-नीचे करने लग गई। छोटी मौसी अभी भी ये सब देख रही थीं और मैं उन्हें देख रहा था। मेरे अंदर इतनी हिम्मत पता नहीं कहाँ से आई, मैंने खुशबू को अपनी गोद में उठाया और खिड़की की तरफ़ जाकर उससे उसकी पीठ टिकाकर मैं धक्के मारने लग गया।
वह बड़ी तेज़ मोन करने लग गई, तभी मेरी मौसी सकपकाकर वहाँ से हट गईं। अब मेरा स्पर्म निकलते ही मैं उसे लिप किस करते हुए, धीरे-धीरे धक्के देने लग गया। वह मुझे दाँतों से काटते हुए मुझसे लिपट गई। मुझे 5 बजे तक घर वापस जाना था, पर जब मैंने मौसी को देखते हुए देख लिया तो सोचा कि पता तो चल ही चुका।
इसलिए कम से कम इस चूत के मज़े तो मैं अच्छे से ले लूँ, उसके बाद चाहे घर पर मौसी मार ही क्यों न डालें। मेरी बड़ी मौसी 8:30 तक घर आ जाती थीं, इसलिए मैंने उसे एक बार और गरम करने लग गया। वह मना कर रही थी, कि अब नहीं दर्द हो रहा है। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने उसे अपनी गोद में उठाते हुए उँगली चूत में घुसा दी। वह अब मोन करने लग गई, मेरी उँगली में मेरा ही स्पर्म लग गया जो उसकी चूत में मैंने अभी निकाला था। मैंने उसे बिस्तर पर लेटने को बोलते हुए दोबारा उसके ऊपर लेटकर चोदने लगा। वह बस मोन करने लगी और मेरी पीठ सहलाने लगी।
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मैं – वैसे तुम्हारी एज कितनी है?
खुशबू – किसी लड़की से एज नहीं पूछते हैं पागल।
मैंने उससे धक्के देते हुए कहा – पता तो चले ये 18 साल का लंड कितनी एज की चूत चोद रहा है जानेमन?
खुशबू – तुम 19 का तो नहीं लगते।
तो मैंने ज़ोर से धक्का देते हुए कहा – अच्छा फिर कितने का लगता हूँ तुझे मैं?
खुशबू – 24 या 25।
मैं – तू भी 32 की लगती है।
उसने मुँह बनाते हुए कहा – पर हूँ सिर्फ़ 26 की हूँ।
मैंने ज़ोर से शॉट लगाते हुए उससे पूछा – तो मज़ा आ रहा है चुदने में?
उसने मुँह बनाते हुए कहा – तू धीरे तो करता नहीं बस यूँ ज़ोर से आवाज़ निकलवानी आती है तुम्हें।
मैंने उसके बूब्स मसलते हुए बोला – जान जो मज़ा तेरी चीख निकलवाने में आता है।
उसका कोई जवाब नहीं था, और वह ज़ोर से शॉट मारते हुए मैंने अपना लंड रोक दिया। वह झड़ने वाली थी, तो वह बोली – आह्ह प्लीज़ और ज़ोर से करो, प्लीज़ अब रुकना मत।
क़रीब 20 मिनट की चुदाई में वह 2 बार झड़ चुकी थी, मेरा भी अब निकलने वाला था। तो मैंने उसे डॉगी पोज़िशन में आने को कहा, पर उसने मुझे मना करते हुए कहा।
खुशबू – नहीं तुम ऐसे ही कर लो।
मैंने जोश में उसके बूब्स दबाते हुए, उसे पलटकर डॉगी पोज़ में ले आया। वह बस मना कर रही थी, पर वो विरोध नहीं था। मैंने उसके दोनों हाथ को पकड़ते हुए लंड चूत पर निशाना लगाया और हाथों को अपनी तरफ़ खींचकर उसे चोदने लग गया।
क़रीब 10 मिनट बाद वह फिर से झड़ गई। मैंने उसके बाल पकड़ते हुए शॉट पे शॉट लगा रहा था। वह बस कराह रही थी आराम से आराम धीरे-धीरे। पर चूत के नशे में ये सब थोड़े ही समझ आता है, और कुछ देर बाद मैं भी दोबारा से उसकी चूत में झड़कर उसकी पीठ पर लेट गया।
दोस्तों जो मज़ा अपने से बड़ी लड़की को चीख निकलवाने में आता है ना, ये तुम तभी समझोगे जब किसी की तुम चीख निकलवाकर अपनी तारीफ़ उसके मुँह से सुनोगे। उसने मेरा सर हाथ से सहलाते हुए मुझे कहा।
खुशबू – अब तुम्हारा हो गया ना? क्योंकि मुझे अब तक नीचे दर्द हो रहा है।
मैंने उसे किस करते हुए टाइम पूछा, तो वह घड़ी देखकर बोली – 6 बज रहे हैं।
मैं – तो अब तेरे भाई के आने में 2 घंटे बचे हैं जानेमन।
अब वह मुझे नोचते हुए बोली – आज के लिए बस करो अब।
मैं – कल फिर चुदोगी क्या मुझसे?
खुशबू – तुम ऐसे क्यों बोलते हो हमेशा?
मैं – किसने कहा कि मैं ऐसे बोलता हूँ।
खुशबू – हर टाइम लंड चूत चुदाई और कुछ नहीं है क्या बोलने को तुम्हारे पास?
मैं – है तो है बहुत कुछ बोलने का, पर तुम्हें पहले मैं मन भर चोद तो लूँ।
खुशबू – देखा फिर से बोला तुमने?
मैं – ठीक है, अब नहीं बोलूँगा तो क्या तुम मेरा लंड अपने मुँह में लोगी?
खुशबू – आज मत दो फिर कभी।
पर मैंने फिर से उसको गरम करना स्टार्ट कर दिया और उसे मैं किस करता गया। मेरा लंड अभी भी सिकुड़ा हुआ था, पर जैसे ही उसका हाथ उस पर लगा, तो उसमें कसावट आने लगी।
वह मेरी आँखों में देखने लगी और वह बोली – क्या खाते हो ये अभी भी शांत होने का नाम नहीं ले रहा है।
मैंने उसके बूब्स पर बाइट करते हुए उससे कहा – तुम्हें जो अब मैं कहने वाला हूँ, इसलिए ये शांत नहीं हो रहा है।
और मैं अब लेट गया और मेरे ऊपर लंड सेट करके बैठ गई। मैंने उसे दूसरी तरफ़ फेस करके बैठने बोला, जिससे मुझे उसकी पीठ दिखने लग गई थी। तो वह पीठ करके बैठकर ऊपर-नीचे होने लग गई।
मैंने पीछे से पीठ सहलाते हुए उसे बोला – इस पोज़िशन के बारे में तुम्हें पता था?
वह बिना कुछ बोले बस मेरे पैरों को पकड़कर उछलती रही और चुदने लग गई। आधे घंटे तक मेरे लंड से चुदने के बाद वह धीरे-धीरे ऊपर-नीचे हो रही थी। तो मैंने पीछे से उसकी कमर को पकड़कर तेज़ी से झटके देते हुए बैठने लग गया। उसकी सिसकारियाँ अब बढ़ गई थीं, हम दोनों बैठकर मज़े ले रहे थे। मैं उसे अपनी गोद में बिठाकर उछालते हुए उसके बूब्स दबा रहा था।
मैंने थोड़ा उसे आगे की ओर झुकाते हुए उसे उसके घुटनों पर कर दिया। जिससे वह फिर से डॉगी पोज़ में आ गई थी, और मैं धक्के देते हुए उसे चोद रहा था। मेरा अब निकलने ही वाला था, कि मैंने लंड उसकी चूत में से निकाल लिया। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वह हैरान होते हुए मुझसे बोली – क्या हो गया?
मैंने उसे नीचे बिठाते हुए कहा – अब मैं तेरे फेस पे निकालूँगा।
वह मना करने लग गई, पर अब मैं मानने वाला कहाँ था। मैं उसे लिटाकर उसके पेट पर बैठ गया, और उसके हाथों को लंड पकड़ते हुए ऊपर-नीचे करने लग गया। उसने अभी 5-6 बार ही अभी मेरा सहलाया था, और तभी मैंने उसके फेस पर अपने लंड के पानी का फव्वारा दे मारा।
कुछ बूँदें उसके बूब्स पर तो कुछ-कुछ उसके बालों पर तो कुछ और बाक़ी सब उसके फेस पे जा गिरीं। वह आँखें बंद किए हुए थी, नहीं तो उसकी आँख में भी मेरा पानी चला जाता। क्योंकि उसकी पलकों पर भी स्पर्म था। वह गुस्से में आँखें खोलते हुए बोली।
खुशबू – तुम सच में बहुत गंदे हो।
फिर वह बिस्तर पर से उठने लगी। मैंने अपना लंड उसी के पेट में रगड़कर साफ़ कर दिया, और मैं बिस्तर पर नंगा लेटा गया। वह पानी की बोतल लेने दूसरे कमरे में चली गई। मैंने घड़ी में देखा तो 6.30 बजने को हो गए थे। वह पानी लेके आई, और बोली।
खुशबू – अब मैं अपना मुँह धो लेती हूँ।
मैं – यार अभी तो कम से कम इसको तो अपने हाथ से साफ़ कर लो।
वह मुस्कुराकर पानी से मेरे लंड को धोने लग गई, धोते-धोते दोबारा मेरा लंड फूल गया। और मैंने उसे उसके टॉवल पर से ही बूब्स दबाना स्टार्ट कर दिया। वह फिर से बोली।
खुशबू – सच बता तू कोई मेडिसिन तो नहीं खाके आया है ना? आज मुझे अच्छे से चोदने के लिए।
मैं – तुम ऐसा क्यों लग रहा है, कि मैंने कोई मेडिसिन खाई है?
खुशबू मेरा लंड मसलते हुए बोली – तेरा ये उस्ताद तो 2 बजे से ही थकने का नाम नहीं ले रहा ना इसलिए।
मैंने उसे ऊपर खींचकर बिस्तर पर गिराते हुए बोला – गलती तो तेरी मुन्नी की है, ये अच्छे से ध्यान ही नहीं दे रही है।
मैं उसकी कमर को पकड़ते हुए लंड को पीछे से उसकी चूत में धीरे-धीरे घुसाने लग गया, और वह सिसकियाँ भरने लग गई। मैं बिस्तर के पास खड़ा होकर उसकी टाँगों को बिस्तर से नीचे गिराकर पीछे से धीरे-धीरे चोदने लग गया।
कुछ देर बाद पोज़िशन चेंज करके उसकी टाँगों को मैंने अपने कंधों पर रखकर उसे मैं ज़ोर-ज़ोर से चोदने लग गया। पूरे कमरे में बस उसकी सिसकियाँ और फच फच चप चप चप की आवाज़ें हो रही थीं। टाइम कब निकल गया पता नहीं चला, और मैंने घड़ी को देखा तो 7:30 से ज़्यादा होने चला था।
और इस बीच वह 3 और बार झड़ गई थी, मैंने ज़ोर-ज़ोर से चोदते हुए उसकी चूत को लबालब अपनी जवानी के रस से भर दिया। और उसे किस करते हुए मैं उसके बूब्स के निप्पल पर बाइट कर रहा था। जैसे ही मैं उठने को तैयार हुआ, तो मेरे पैरों में बहुत ज़ोर का दर्द हुआ। तो वहीं तुरंत बैठ गया।
खुशबू – क्या हो गया अब?
मैं – कुछ नहीं।
उसने ज़ोर देते हुए मुझसे पूछा – प्लीज़ बताओ ना?
मैं – मेरे पैरों में दर्द हो गए तुम्हें ठोकते-ठोकते।
खुशबू – पैर दबा दूँ आपके मैं?
मैं – नेकी और पूछ-पूछ।
अब वह मेरा पैर दबाने लग गई, वह भी बिना कपड़ों के। मैंने फ़ोन चेक करने लगा अपना तो उसमें छोटी मौसी का मैसेज आया हुआ था।
मौसी – पैर का दर्द कम हो गया हो तो दीदी के आने के पहले घर आ जाना।
मैं डर गया और थोड़ी देर बाद मैं जाने के लिए रेडी हो गया। वह दूसरे कमरे में तैयार होने जा रही थी, तो मैंने बोला – यार यहीं तैयार हो जाओ ना।
खुशबू – पहले मैं कपड़े ले आऊँ?
मैं – ठीक है।
अब वह दूसरे कमरे में जाने लगी, और अब उसकी चाल बिल्कुल अलग ही हो गई थी। वह धीरे-धीरे दोनों पैरों को फैलाकर चल रही थी। मैंने उसकी गाँड़ पर थप्पड़ मारते हुए बोला।
मैं – तुझे क्या हो गया अब?
खुशबू – तूने तो ही किया है।
ये कहकर वह हँसने लग गई, वह मेरे सामने अपने कपड़े पहनने लग गई।
खुशबू – अब तुम मेरा नंबर ले लो, रात को मैसेज में बात करेंगे।
मैंने उसकी बस ब्रा में खड़ी-खड़ी नीचे से पूरी न्यूड पिक भी ले ली, और उसका नंबर भी ले लिया। फिर मैं 8 बजे के पहले उसके कमरे से निकल गया, उसने धीरे से दरवाज़ा बंद कर लिया। तभी मैंने देखा कि मेरी छोटी मौसी बाहर बैठी हुई मेरा इंतज़ार कर रही हैं। मैं डरते-डरते घर घुसा, तो वह भी पीछे से दरवाज़ा बंद करके अंदर आ गईं। मैं बाथरूम फेस धोने के बाद निकला, तो देखा मौसी चाय बना रही थीं।
तो मौसी बोलीं – तू चाय पिएगा या नहीं?
तो मैं बिना कुछ बोले अपने रूम में जाकर बैठ गया। वह बेलन लेकर मेरे रूम में घुसते ही बोलीं।
मौसी – उसकी तो चीखें निकलवा रहा था, और अब चाय के लिए आवाज़ भी नहीं बची तुझ में। या सब उसी में गिरा के आया है यहाँ।
मैं सॉरी बोलने लगा, कि आगे से फिर कभी नहीं होगा ऐसा प्लीज़ माफ़ कर दो। तो उसने मुझे बेलन से मारते हुए पूछा।
मौसी – तूने उसकी पीछे से भी ली है क्या?
मैंने हिम्मत करके बोला – नहीं प्लीज़ बताना मत किसी को, फिर कभी नहीं होगा ऐसा प्रॉमिस।
उसने मुझे चाटा मारते हुए कहा – दीदी आने वाली होंगी, अब रोना बंद कर और चाय पीने आ जा।
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