Garam Padosan Sex Story
दोस्तों, मैं दिल्ली का 18 साल का एक जवान मस्त लड़का हूँ। मैं डेली इंटरनेट पर हिंदी सेक्सी स्टोरी रीड करता हूँ, क्योंकि यह मुझे बहुत पसंद है। यह बात मेरे पड़ोस में रहने वाली एक आंटी और मेरे बीच की चुदाई की है। शुरुआत में मुझे उनको देखना पसंद नहीं था, पर जब से मेरे लंड ने अंगड़ाई लेना शुरू किया है।
जब मैं लड़कियों, भाभियों के बूब्स और गाँड़ को देखकर पागल-सा होने लग गया था। तभी मुझे आंटी क़यामत दिखने लग गईं। उनका मदमस्त फिगर अब मेरी समझ में आने लग गया था। आंटी का लड़का मेरे छोटे भाई का दोस्त था, जिसको पढ़ाने के लिए आंटी मुझे कहा करती थीं।
ऐसे ही मैं आंटी के घर आने-जाने लग गया। धीरे-धीरे आंटी और मैं आपस में खुलते चले गए। क्योंकि अब हँसना और एक-दूसरे के जिस्म से छेड़छाड़ करनी शुरू हो गई थी। कभी-कभी मैं आंटी के पीछे हाथ रख देता था और उनके सामने ही मैं अपना लंड खुजाने लग जाता था। धीरे-धीरे हम दोनों में सेक्स की बात शुरू हो गई। मैं मौक़ा देखकर उनके बूब्स पर हाथ डाल देता था या फिर कभी उनकी मस्त गाँड़ पर हाथ फेर देता था।
फिर एक दिन मैंने आंटी को ऐसे ही झूठ बोल दिया कि मेरी 4 गर्लफ़्रेंड हैं और वे सब मुझसे सेक्स करती हैं। उन्होंने मेरी यह बात सच मान ली। फिर मुझे पता चला कि उनकी शादी हुए इतने साल हो गए हैं। पर उनका पति उनके साथ कभी-कभी ही सेक्स करता है। पिछले काफ़ी समय से तो उन्होंने चुदाई की ही नहीं थी।
मैं – आंटी तो यह तो बहुत बड़ी बात है।
आंटी – हाँ पर मैं तो सारी कोशिश करती हूँ। जब उनका लंड अंदर जाता था तब मुझे बहुत मज़ा आता था। पर अब मैं क्या करूँ, वे चुदाई का मज़ा लेना ही नहीं चाहते हैं।
मैंने जब उनको लंड और चुदाई की बातें करते हुए देखा तो मैं समझ गया कि आंटी चुदाई के लिए तड़प रही हैं।
मैं – आंटी मैं बेड पर आपकी कोई हेल्प करूँ?
आंटी ने मेरी यह बात हँसी में टाल दी। फिर मुझे पता लगा कि आंटी का कोई बॉयफ़्रेंड है। जिससे आंटी फ़ोन पर बात करती हैं, शायद उससे चुदती थीं या चुदना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने अब मुझे भाव देना बहुत कम कर दिया। पर इसके बाद तो मुझे आंटी को चोदने की और ज़्यादा इच्छा होने लग गई।
अब जब भी मैं उनके घर जाता था तब मैं उनके बेटे को अपने छोटे भाई के साथ खेलने भेज देता था, ताकि आंटी और मुझे अकेले में कुछ टाइम मिल सके। जब उनका बेटा चला जाता था तब मैं कपड़ों के ऊपर से ही आंटी की गाँड़ पर अपना लंड फेर देता था।
आंटी मुझे कुछ नहीं बोलती थीं। यह सब मुझको बड़ा अच्छा लग रहा था। फिर मेरी मम्मी ने सुबह 10 बजे से 1:30 तक बाहर जाना शुरू कर दिया। इस दौरान आंटी हमारे घर जान-बूझकर आ जाती थीं। कभी वह कुछ लेने के बहाने आती थीं तो कभी वह मुझसे बात करने आ जाती थीं।
दोस्तों यह बात तब की जब मोबाइल फ़ोन नए-नए आए थे और हमारे घर पर लैंडलाइन फ़ोन था। एक बार जब वह आईं तो मम्मी बाहर गई हुई थीं। उनको हमारे फ़ोन से बात करनी थी। इसलिए मैंने जान-बूझकर ख़राब हेडसेट वाला फ़ोन लगा दिया। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
आंटी – बेटा मुझसे फ़ोन नहीं मिल रहा है, तुम नंबर मिला कर दो।
फ़ोन मिलाने के बहाने मैं उनसे चिपक गया।
आंटी बोलीं – यहाँ यह सब अच्छा नहीं लगता है। तेरी मम्मी कभी भी आ सकती हैं। तू मेरे घर आ जा।
मैं – अरे आंटी कुछ नहीं होगा, थोड़ी देर करते हैं ना।
पर वह नहीं मानीं और अपने घर चली गईं। कुछ देर बाद मैं उनके घर गया। उनके घर पर कोई नहीं था और वह बेड की चादर सही कर रही थीं। उस टाइम आंटी डॉगी स्टाइल में थीं। मैं पीछे से उनकी गाँड़ को देख रहा था।
आंटी – जल्दी करो, मेरे घर में कोई मेहमान आने वाले हैं।
मैं – बस ज़रा मुझे एक बूंद टपका लेने दो।
वह कुछ नहीं बोलीं और अब मैं उनके कपड़ों को थोड़ा ऊपर करके उनके साथ सेक्स कर रहा था। कुछ देर चूत चोदने की कल्पना से ही मेरी बूँदें निकलने लग गईं।
आंटी – हो गया तेरा काम, अब ख़ुश हो गया ना।
मैं कुछ नहीं बोला और वहाँ से मैं चला गया। फिर वह एक बार फ़ोन करने फिर से आईं।
मैंने उनको गरम करते हुए बोला – आंटी आप सलवार कमीज में बहुत अच्छी लगती हो।
वह ब्लैक कलर का सलवार पहनकर आई थीं। उन्होंने मुझे आँख मारी और फ़ोन करने का इशारा करते हुए फ़ोन उठा लिया। मैंने आंटी के सलवार में हाथ डालकर उनकी मुलायम गाँड़ को सहलाया। आंटी ने अपने पैर खोल लिए और मैंने उनकी चूत पर अपनी उँगलियाँ फिरा दीं।
शायद वह अपने बॉयफ़्रेंड से बात कर रही थीं। तभी वह चूत में उँगली लेकर भी कुछ नहीं बोलीं। पर मेरी इस हरकत से उन्हें कुछ होने लग गया था। जब मैंने उँगली उनकी चूत के अंदर डाली तो आंटी की चूत ने थोड़ी ही देर में पानी छोड़ दिया। फिर मैंने अपनी उँगली बाहर निकालकर उनके सामने ही अपनी उँगली को चाट रहा था।
वह – तुमने अपनी उँगली क्यों चाट ली।
मैं – कोई बात नहीं आंटी, आई लव यू आंटी।
वह मुस्कुरा दीं और मुझे चूमने लग गईं। आंटी ने मुझे अपनी बाँहों में भर लिया। कुछ देर के बाद मैंने उनके कपड़े उतारे और मैंने उनकी ब्रा को खोल दी। मैंने उनको गोद में लेकर उनको बेड पर ले गया। मेरी क़िस्मत मेरे साथ नहीं दे रही थी। उनका छोटा बेटा आ गया था। वह बाहर से दरवाज़ा नॉक कर रहा था। हम दोनों ने कपड़े पहन लिए।
आंटी – सॉरी।
मैंने उनके होंठों को चूम लिया। फिर कुछ दिन बाद मेरे घरवाले 5 दिनों के लिए आउट ऑफ़ स्टेशन जाना पड़ गया। मैं उनके साथ नहीं गया, तो मॉम मेरी देखभाल के लिए आंटी को बोल गईं कि वह मेरा ख़्याल रखें। मैं उनके घर नहीं जा सकता था, क्योंकि उनकी शादीशुदा ननद उनके घर आई हुई थीं। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
पता नहीं आंटी को क्या हुआ। आंटी ने एक रात को खुद मुझे फ़ोन करके कहा कि मैं उनके घर आ जाऊँ। मैं उनके घर गया तो उन्होंने ब्लैक कलर का गाउन पहना हुआ था। आंटी ने मुझे अपने रूम में आने को कहा। मैं वहाँ चला गया और मैंने दरवाज़ा बंद कर लिया।
अब हम दोनों ही रूम में थे, तो हम दोनों एक-दूसरे के कपड़े उतारकर एक-दूसरे को नंगे कर रहे थे। मैंने पहले उनके बूब्स को चूसा और फिर उनको अपना लंड चुसाया। पूरे रूम में अब रस की महक फैल रही थी और उनकी चूत से रस टपक-टपक कर निकल रहा था। मैंने उनकी चूत पर अपना मुँह लगा दिया और उनकी चूत का रस चाटने लग गया। मैंने फिर चूत में लंड घुसाया और वह ज़ोर से चीख पड़ीं और उन्होंने मुझे कसकर पकड़ लिया।
आंटी – आज तुम सब कुछ कर दो।
मैंने आंटी की चूत में पूरा लंड डाल दिया। उनकी चूत गीली थी इसलिए फच-फच की मस्त आवाज़ आ रही थी। हम दोनों चुदाई करते हुए एक-दूसरे को किस करने लग गए। आंटी की चूत चुदाई के बाद फिर जब मैंने उन्हें की गाँड़ मारने के लिए घुमाया। तो मैंने देखा कि विंडो में से उनकी ननद हम दोनों देख रही थीं और वह अपने बूब्स दबा रही थीं।
एक बार तो मैं डर गया। फिर मैंने देखा कि वह भी चुदने के लिए पागल हो रही हैं। तो मैंने उसको भी अंदर बुला लिया। अब वह भी अंदर आ गईं। आंटी उसे देखकर हड़बड़ा गईं, पर जब उन्होंने देखा कि वह भी चुदाई के लिए पागल हो रही हैं।
तो पहले तो मैंने आंटी की गाँड़ मारी और फिर उसकी ननद को चोदना शुरू कर दिया। मैं आंटी की चूत चाट रहा था और वह ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रही थीं। फिर हम तीनों ने ख़ून जमकर सेक्स किया। और मैंने अपना सारा माल उनकी चूत में निकाल दिया।
आंटी बोलीं – अरे यह कहीं माँ न बन जाए।
ननद – कोई बात नहीं मेरे पति भी अंदर ही माल निकालते हैं।
फिर अगली बार जब आंटी की ननद को बच्चा हुआ तो वह अपने बच्चे को मेरे घर लेकर आईं। मैंने उनकी ननद का दूध भी पिया और उनकी चूत को ख़ूब जमकर चोदा। यह सब दो साल तक अच्छे से चला। इसके बाद आंटी ने अपनी बहन को भी मुझे चुदवाया। उनके यहाँ एक मस्त नौकरानी भी आती थी। मैंने उसके साथ भी सेक्स किया है। दोस्तों आंटी मुझे आज भी ख़ूब मज़े दे रही हैं।
इसे भी पढ़े – बहन की चूत फड़वा दिया अपने यार से
ये Garam Padosan Sex Story आपको कैसी लगी मुझे कमेंट करके बताये…
Leave a Reply