Jija Sali Romance Sex
मैं अपनी हॉलीडेज़ में अपनी ससुराल में अपनी बड़ी साली के घर गया था। वैसे भी वहाँ गए हुए मुझे एक साल हो गया था। उसी दिन मेरे ससुर जी का फ़ोन मेरी वाइफ़ पर आया। उन्होंने फ़ोन पर बताया कि किसी रिश्तेदार की मौत हो गई है। तुम सरिता के घर से यहाँ आ जाओ फिर हम साथ में चलेंगे।
मेरी बड़ी साली का नाम सरिता है। उसके पति रमेश आर्मी में हैं और साल में कभी-कभी वे घर आते हैं। मेरी बड़ी साली को अभी तक कोई बच्चा नहीं है और उनकी शादी को चार साल हो गए हैं। पर रमेश जी शादी से पहले ही आर्मी में थे, इसलिए सरिता के साथ वे ज़्यादा टाइम नहीं रह पाए थे।
पहले मैंने कभी सरिता को गलत नज़र से नहीं देखा था, पर एक दिन सरिता बाज़ार गई हुई थी। तभी अचानक बारिश शुरू हो गई। मैं टीवी पर मूवी देख रहा था। मूवी में कुछ थोड़े सेक्सी सीन थे, जिन्हें देखकर मेरे मन में ख़्याल बदलना लाज़मी था। उस टाइम मेरे मन में बहुत उत्तेजना पैदा हो रही थी।
मैं धीरे-धीरे अपने लंड को सहलाने लग गया। तभी दरवाज़े की बेल बज गई। मैं एकदम से घबरा गया। मुझे लगा कि जैसे किसी ने मुझे देख लिया हो, पर मुझे याद आया कि घर में तो और कोई है ही नहीं। मैं बेकार में डर रहा था। मैंने जाकर डोर ओपन किया तो मैंने देखा कि बाहर सरिता खड़ी थी।
उसका बदन पूरा भीगा हुआ था और आज मुझे पहले से ज़्यादा जवान और ख़ूबसूरत लग रही थी। मैंने डोर बंद कर दिया और जैसे ही मैं पीछे मुड़ा तो मेरी नज़र सरिता की कमर पर पड़ी। जहाँ से उनकी गुलाबी साड़ी के ब्लाउज़ से उनकी ब्लैक ब्रा बाहर दिख रही थी।
सरिता ने सामान सोफ़े पर रखा और मुझे बोली – अमित जी, मेरा पूरा बदन भीग चुका है। इसलिए आप मुझे अंदर से एक तौलिया ला दो।
मैंने तौलिया ले आया और सरिता मुझसे मुस्कुराते हुए बोली – सामान हाथों में लटकाकर लाने से मेरे हाथ दर्द करने लग गए हैं। इसलिए तुम मेरा एक छोटा-सा काम करोगे?
मैं – क्या काम है?
सरिता – ज़रा मेरे बालों से पानी सुखा दोगे?
मैं – क्यों नहीं।
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सरिता सोफ़े पर बैठ गई। मैंने देखा बालों से पानी निकलकर उनके गोरे गालों से बह रहा था। मैं सरिता के पीछे बैठ गया। उनको अपने पैरों के बीच में मैं ले लिया और मैं उनके बालों को सुखाने लग गया। सरिता का गोरा बदन भीगने के बाद गरम बदन मेरे पैरों में हलचल पैदा कर रहा था। बाल सुखाते हुए मैंने धीरे से उनके कंधे पर अपना हाथ रख दिया। सरिता ने कोई एतराज़ नहीं किया तो मैंने फिर उसकी कमर को सहलाना शुरू कर दिया।
सरिता – ठीक है अब मेरे बाल सूख गए हैं। अब मैं अंदर जा रही हूँ।
फिर वह रूम में चली गई और मेरी साँस रुक गई। मैंने सोचा कि शायद सरिता को मेरे इरादे पता चल गए हैं। रूम में जाकर सरिता ने अपने कपड़े बदलने शुरू कर दिए। सरिता ने जल्दी-जल्दी में डोर बंद नहीं किया था। वह बड़े मिरर के सामने खड़ी हुई थी। उन्होंने अपना एक-एक कपड़ा उतार दिया था। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने देखा कि सरिता बड़ी ग़ौर से अपने बदन को ऊपर से नीचे तक देख रही थी। मेरा दिल अब और भी पागल हो रहा था। ऊपर से बारिश का मौसम जैसे बाहर पड़ रही पानी की बूँदें मेरे तन-बदन में आग लगा रही थीं। अब की बार सरिता ने मुझे देखकर अनदेखा कर दिया। शायद यह मेरे लिए ग्रीन सिग्नल था। मैं उसके रूम में चला गया।
सरिता बोली – अरे अमित, मैंने अभी कपड़े नहीं पहने हैं। तुम अभी बाहर जाओ।
मैं – सरिता, मैंने तुम्हें कपड़ों में तो हमेशा ही देखा है, पर आज बिना कपड़ों में तुम्हें पहली बार देखा है। अब तुम्हारी मर्ज़ी है, क्या तुम मेरे सामने ऐसी रह सकती हो या नहीं?
और यह कहते हुए मैंने उन्हें अपनी बाँहों में ले लिया। उन्होंने थोड़ी-सी ना-नुकुर करी पर मैंने ज़्यादा सोचने का उन्हें टाइम नहीं दिया। और मैं उसे किस करने लग गया। मैंने सरिता देखा कि सरिता ने अपनी आँखें बंद कर ली हैं। इसमें उनकी सहमति छुपी हुई थी। मैं 10 मिनट तक उन्हें चूमता रहा।
इसी बीच मेरे गरम होंठ सूखे गोरे जिस्म के कोने-कोने को चूम रहे थे। अचानक सरिता ने मुझे ज़ोर से धक्का दिया और मुझे गिरा दिया। एक बार तो मैं डर गया, पर अगले ही पल मैंने पाया कि सरिता मेरे ऊपर आकर लेट गई है। उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए हैं। हम दोनों के बीच से कपड़ों की दीवार हट चुकी थी।
मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हुआ था। तभी उसने मेरे लंड को अपने गरम होंठों से छुआ और उसे अपने मुँह में ले लिया। वह मेरे ऊपर इस तरह से बैठी थी कि साली की चूत एकदम मेरे होंठों पर आकर लगी हुई थी। तो मैं उनकी चूत को पागलों की तरह चूमने लग गया। उसके मुँह में से अब मेरा लंड आज़ाद हो गया था और उसके मुँह से आहा आह्ह सीसी जैसी आवाज़ें निकल रही थीं। तभी उसकी चूत ने पानी निकाल दिया।
और वह बोली – आह आहा मेरी चूत तुम्हारे इस लंड के बिना अब नहीं रह सकती। प्लीज़ अपने इस खिलाड़ी को मेरी चूत के ग्राउंड में उतार दो। ताकि ये दोनों चुदाई का खेल सकें।
सरिता अब मेरे लंड को लेने के लिए तड़पने लग गई थी। मैंने भी उसी टाइम सरिता को अपनी बाँहों में भर और उठाकर बेड पर लिटा दिया। साली की चूत रसीली हो चुकी थी। मैं सरिता के ऊपर लेट गया। मेरा लंड अब सरिता की चूत के दरवाज़े पर दस्तक दे रहा था।
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सरिता ने चूत को अपने दोनों हाथों से खोल दिया और मैंने अपना लंबा लंड अंदर डालना शुरू कर दिया। काफ़ी दिनों से सरिता की चुदाई नहीं हुई थी, इसलिए सरिता की चूत एकदम टाइट थी। तो मैंने उसे ज़ोर से झटका दिया और अपना लंड उसकी चूत के आगोश में समा गया। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
सरिता के मुँह से आह आँह की आवाज़ निकल गई। उसने मुझे थोड़ी देर हिलने से मना कर दिया था। कुछ देर बाद वह खुद नीचे हल्के-हल्के झटके लगाने लग गई। अब मुझे भी साली की चूत का मज़ा आने लग गया और मैंने सरिता की चुदाई शुरू कर दी थी। जितने ज़ोर से मैं सरिता की चुदाई कर रहा था, वह उतनी ही सेक्सी आवाज़ें निकाल रही थी।
हम दोनों ने क़रीब 30 मिनट तक चुदाई करी और उसके बाद सरिता मुझसे ज़ोर से लिपट गई और साली की चूत थोड़ी देर के लिए कस गई। कुछ और धक्कों के बाद मेरे लंड ने अपना सारा पानी निकाल दिया। अब वह मुझसे लिपट गई। मैं इस तरह 10 मिनट तक सरिता के ऊपर लेटा रहा। उस दिन की बारिश से लेकर और अब तक ये आपका अमित अपनी सरिता के प्यासे बदन को हर रात बरसाता है। मैं कभी-कभी मीटिंग के बहाने जाता हूँ या कभी-कभी वह अपनी बहन से मिलने हमारे घर आती है। तो उसे मैं ज़रूर चोदता हूँ।
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ये Jija Sali Romance Sex की कहानी आपको कैसी लगी मुझे कमेंट करके बताये…
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