Slut Group Fuck Story
मेरा नाम कोमल है और मेरी एज 32 ईयर है। मेरा सेक्सी फ़िगर साइज़ 36-30-34 है और मैं शादीशुदा हूँ। मेरी एक बेटी है उसका नाम अनामिका है। मुझे मॉडर्न ड्रेस पहनना पसंद है। मेरे पति बिज़नेसमैन हैं तो वे काफ़ी बाहर रहते हैं। जिस कारण मेरी बॉडी की सेक्स की जरुरत पूरी नहीं हो पाती थी।
इसलिए मैंने शादी के 6 महीने बाद ही एक बॉयफ़्रेंड बना लिया था। इससे आप लोगों को यह तो पता चल ही गया होगा कि मुझे सेक्स की कितनी नीड है। अब स्टोरी पर आते हैं। यह आज से 2 साल पहले की बात है। मेरी शादी के 2.5 ईयर बाद की बात है।
मुझे अपने बॉयफ़्रेंड के साथ भी 2 साल हो गए थे। हम सेक्स में न्यू-न्यू चीज़ें ट्राई करते रहते थे। उसके साथ मैंने अपने सभी होल्स का ख़ूब एन्जॉय लिया हुआ था। एक बार हम ट्रुथ एंड डेयर गेम खेल रहे थे। उसने मुझसे पूछा, क्या मुझे ग्रुप सेक्स करने का मन करता है?
मैं – हाँ।
फिर उसने दूसरा क्वेश्चन किया और वह बोला – अगर मैं तुमको किसी और से चुदवाने को कहूँ तो क्या तुम चुदोगी?
मैं – अगर तुम्हें कोई प्रॉब्लम नहीं है तो मुझे क्या प्रॉब्लम होगी।
वह – प्रॉमिस करो।
फिर मैंने प्रॉमिस किया और मुझे लगा यह बस एक खेल है। फिर एक बार मैं और मेरा बॉयफ़्रेंड घूमने गए हुए थे। मैंने अपनी डॉटर को मेरी मॉम और डैड के पास घूमने भेज रखा था। दो दिन ख़ूब सेक्स करने के बाद उसने मुझे बोला – तुम्हें अपना प्रॉमिस याद है?
मैं – कौन सा?
तब उसने मुझे याद दिलाया और मैं बोली – तुम कैसी बात कर रहे हो?
वह तो मैंने यूँ ही बोल दिया था। तो वह बोला – क्यों तुम्हें ग्रुप सेक्स करने का मन नहीं करता?
मैं – वह तो करता है।
वह – तो बस सिर्फ़ आज मैं जिससे बोलूँ उससे चुदवा लो ना। बस आज की ही तो बात है।
मैंने सोचा ठीक है। यहाँ मुझे कोई जानता भी नहीं है और एक दिन की बात है। मैंने उससे हाँ बोल दी। उसने फिर जिस होटल में हम रुके हुए थे, उससे चेक आउट किया। एक दूसरा सस्ता होटल ले लिया। वह होटल रंडियों को चोदने के लिए फ़ेमस था, जो मुझे बाद में पता चला। हम होटल गए। रिसेप्शनिस्ट ने मुझे बहुत घूरकर देखा। मुझे कुछ समझ नहीं आया और मैं आगे चली गई। मेरे बॉयफ़्रेंड ने उससे थोड़ी बात की और हम अपने रूम में आ गए।
मैं – अब कैसे इंतज़ाम करोगे?
वह – तू क्यों चिंता कर रही है?
मैं 10 मिनट में आता हूँ। फिर वह 10 मिनट बाद में आया और वह बोला – सुन अभी एक आदमी आएगा। वह तेरे को रंडी समझकर चोदेगा।
मैं – मैं रंडी नहीं बन रही हूँ? यह हमारी बात नहीं हुई थी।
वह – हाँ पर कोई फ्री में नहीं आया। सबको डाउट था कहीं कुछ दाल में काला है। तुम्हें तो चुदवाने से मतलब है। पैसों में चोदे या फ्री में क्या जाता है।
पर यह बात उसने मुझसे झूठ बोली थी, जबकि उसने किसी से फ्री में चोदने की बात नहीं की थी। यह उसने मुझे बाद में बताया था। फिर वह रूम से चला गया। मैं रूम में ब्रा और पैंटी में उस आदमी का वेट करने लगी। क़रीब 5 मिनट बाद एक आदमी अंदर आया। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वह मुझे देखते ही बोला – वाह क्या मस्त लग रही है रानी।
मैं – थैंक यू।
फिर क्या था वह तो भूखे शेर की तरह मेरे पर टूट पड़ा। उसने मुझे गेट के अंदर आते ही किस करना शुरू कर दिया। लगभग 2 मिनट की किस के बाद उसने मुझे चोदा और मैं बोली।
मैं – यार डोर तो बंद कर दो।
तब उसने गेट बंद किया और वह बोला – चल घोड़ी बन जा।
मैं घोड़ी बन गई। उसने अपने लंड पर तेल लगाया और मेरी गाँड़ में लंड डाल दिया। फिर उसने इतनी तेज़ी से यह किया जिससे मेरी चीख निकल गई और मैं आह आँह करने लग गई।
आदमी – बहनचोद कैसी रंडी है। अभी तो डाला ही और तेरी चीख निकल गई।
मैं – धीरे करो प्लीज़।
आदमी – चुप हो जा बहन की लौड़ी समझी या नहीं?
फिर वह बहुत तेज़ी से धक्के मारने लग गया। वह मुझे लगातार 15 मिनट मेरी गाँड़ को चोदता रहा वह भी बिना रुके। मैं उसके हर स्ट्रोक पर काफ़ी ज़ोर से मोअन कर रही थी।
मैं – आह्ह्ह ओह्ह्ह मैं मर गई। उफ़्फ़ आह्ह आह्ह।
फिर वह मेरी गाँड़ में ही झड़ गया और कपड़े पहनने लग गया। मैं शॉक्ड थी कि इसने चूत तो मारी ही नहीं। पर मैं खुद उसे कुछ बोल नहीं पाई और उसने कपड़े पहने और मुझे 500 रुपये दिए और किस करके चला गया। उसके जाने के बाद तुरंत ही मेरा बॉयफ़्रेंड आया। मैंने उसके सामने ही गाँड़ साफ़ कर रही थी।
मैं – यह तो सीधा आया और मेरी गाँड़ में लंड डालकर मुझे कुत्तों की तरह चोदकर चला गया। न उसने मुँह में लंड दिया और न ही चूत में।
वह – वह तेरा लवर थोड़ी था। कस्टमर था जो उसकी मर्ज़ी थी वह करके गया। अभी एक और है।
मैं – यार एक बार ही तो करना था।
वह – मैंने आज का दिन बोला था।
मैं – नहीं यार मैं नहीं करूँगी।
वह – चल ठीक है पर इससे तो बात कर ली है। इससे कर ले। फिर मत करियो।
मैं – चल ठीक है, पर यह लास्ट होना चाहिए।
वह – हाँ बिल्कुल यह लास्ट होगा।
मैं – ठीक अब है उसे जल्दी से भेजो।
फिर उसके जाने के बाद 2 मिनट बाद ही वह आदमी आया। मैं उस टाइम नंगी ही थी। वह अंदर आया। मुझे किस की और मेरे बूब्स दबाने लग गया। मेरी ऐस को दबाते हुए मुझे वह किस कर रहा था।
आदमी – तेरी गाँड़ कितनी मस्त है।
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फिर उसने मुझे फिर घोड़ी बनाकर उसने भी मुझे 20 मिनट तक ख़ूब मेरी गाँड़ मारी। मेरी चूत पूरी गीली हो चुकी थी। अब मेरा मन कर रहा था कि कोई भी आए मेरी चूत मार ले। पर मैं उससे कुछ बोल नहीं पाई। फिर उसने भी मेरी गाँड़ में ही झड़ गया और उसने भी 500 रुपये दिए और एक किस किया।
उसने मेरी गाँड़ पर एक स्लैप किया और वह बोला – तेरी गाँड़ बहुत मस्त है।
यह कहकर वह भी चला गया। फिर मेरा बॉयफ़्रेंड आया और मैं उससे चिपक गई। मैं उसे पागलों की तरह किस करने लग गई और मैं बोली – ये सब रंडियों की गाँड़ ही मारते हैं क्या? यार मुझे चूत में लंड लेना है। चलो अब तुम दोनों प्लीज़। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वह – इतनी जल्दी क्या है? रंडी वाली हरकत कर रही है।
मैं – जब रंडी बनाया है तो रंडी वाली ही तो हरकत करूँगी ना। अब जल्दी करो प्लीज़।
वह – पहले तू अपनी गाँड़ को साफ़ कर ले।
फिर मैं गाँड़ साफ़ करने लग गई। उसने दो लार्ज पेग बनाए और हमने एक-एक पेग पिया। फिर उसने एक पेग और बनाया और हम धीरे-धीरे पीने लग गए और मैं बोली।
मैं – यार प्लीज़ रब माय पुस्सी।
वह – करता हूँ। एक पेग तो पीने दे।
मैं – ओके।
फिर हम थर्ड पेग धीरे-धीरे पी रहे थे। वह लगातार मेरे निप्पल्स और मेरी पुस्सी से खेल रहा था। इससे मैं बहुत हॉर्नी हो गई। इतने में उसने बात छेड़ी और कहा।
वह – क्यों न तेरी ग्रुप सेक्स की फ़ैंटेसी भी पूरी की जाए? क्या बोलती है?
एक तो मैं नशे में थी दूसरा बहुत हॉर्नी थी तो मैं बोली – ठीक है।
मैं – वह भी कर लेंगे। पहले तुम एक बार तो मेरी चूत मार लो।
वह – नहीं बस 10 मिनट रुक।
यह कहकर उसने और एक पेग और बना दिया और वह बोला – इतने तू ये पी ले। मैं आया।
मैं – ठीक है, पर कितने लोग लाओगे?
वह – 5।
यह बोलता हुआ वह गेट से बाहर निकल गया। वह 10 मिनट बाद आया और वह बोला – 40 मिनट में सब आ रहे हैं।
फिर उसने और मेरी गाँड़ पर क्रीम लगा दी।
मैं बोली – मैं सबसे सिर्फ़ गाँड़ मरवानी है तो मैं अब और गाँड़ नहीं मरवा रही हूँ।
वह – जो तुझे मरवाना हो वह बोल देना। बाक़ी जो तू बोलेगी वह भी वे करेंगे।
यह बोलकर वह रूम से चला गया। मैं हॉर्नी तो थी ऊपर से ड्रिंक का नशा भी हो रहा था। तो मैं सोचकर एक्साइटेड हो रही थी कि आज मेरी गैंगबैंग की फ़ैंटेसी पूरी हो जाएगी। फिर मैंने बाथ लिया और हेवी मेकअप किया।
होंठों पर डार्क लाल लिपस्टिक और आँखों में हेवी काजल लगाया। फिर मैंने अपनी सेक्सी स्ट्रिंग ब्रा एंड स्ट्रिंग थॉन्ग पहन ली और ऊपर से एक ट्रांसपेरेंट नाइटी पहन ली। क़रीब 30 मिनट बाद मेरा बॉयफ़्रेंड आया और वह मुझे देखकर शॉक्ड हो गया।
वह – वे सब लोग आ गए हैं। तू रेडी है?
मैं – रेडी तो हूँ लेकिन थोड़ी-सी नर्वस हूँ।
फिर उसने एक लार्ज पेग दिया और बोला – जल्दी से पी ले। नर्वसनेस चली जाएगी।
मैंने पी लिया और वह बोला – चल एक आवर बाद कॉल करूँगा। उठा लियो।
मैं – क्यों?
वह – बस तू उठा लियो।
मैं – ओके।
फिर वह चला गया। मैं बेड पर बैठकर वेट करने लगी। फिर गेट नॉक हुआ। मैंने गेट ओपन किया। मैंने देखा 5 आदमी बाहर खड़े थे। उनकी हाइट 5’10” से 6 फ़ीट तक होगी।
उन्होंने सबसे पहले बोला – चल नीचे बैठ जा।
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मैं अपने घुटने पर सबके बीच में नीचे बैठ गई और उनकी बेल्ट और पैंट खोलने लग गई। उनके लंबे लंड अंडरवियर में से साफ़ दिख रहे थे। मैंने तुरंत अंडरवियर निकालके उनके लंड चूसने लग गई। वे एक-एक करके मेरा मुँह चोदने लग गए। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर उन्होंने मुझे खड़ा किया और कमर से झुकने के लिए बोला। मैं ऐसे झुककर एक का लंड चूस रही थी कि एक पीछे से आकर मेरी थॉन्ग निकालने लग गया। फिर वह मेरी ऐस को दबाने लग गया और फिर वह मेरी पुस्सी को लिक करने लग गया।
मेरे मुँह से गैग-गैग और एक्साइटमेंट दोनों का साउंड आ रहा था। मैं तो जैसे हेवन में थी। मैं ज़ोर से लंड चूसने लग गई। फिर उसने मेरे बाक़ी के क्लोथ्स भी निकाल दिए। मेरी गांड पर उसने एक स्लैप किया। मैं एक तो हॉर्नी थी दूसरा थोड़े नशे में भी थी। इसलिए अब मेरे में कोई शर्म बाक़ी नहीं थी।
मैंने एक से बोला – गिव मी योर कॉक।
उनमें से एक बोला – साली रंडी ज़्यादा इंग्लिश मत दिखा। हिंदी में बोल।
फिर मैं दुबारा से बोली – अब मुझे और मत तड़पाओ। अपना लंड डाल दो।
उसने अपना लंड गाँड़ में डाल दिया और वह मुझे ज़ोर से चोदने लग गया। मुझे लंड चूत में लेना था, लेकिन एक लंड मेरे मुँह में और एक गाँड़ में होने की वजह से मैं कुछ बोल नहीं पा रही थी। बस अपनी चुदाई का आनंद ले रही थी। फिर जिसने मुँह में लंड डाल रखा था वह हट गया और उसकी जगह दूसरा लेने वाला था।
तभी मैं बोली – मेरी चूत में लंड डाल दो। सुबह से तड़प रही हूँ।
उन्होंने समझा मैं एक और लंड लेना चाह रही हूँ। फिर एक मेरे नीचे लेट गया और मेरी चूत में लंड डाल दिया। दूसरा पीछे से मेरी गाँड़ मार रहा था और तीसरे ने मेरे मुँह में लंड डालकर मुँह चोद रहा था। मैं सिर्फ़ आ आ मैं मर गई ऐसे चिल्ला रही थी।
शुरू के 10 मिनट मुझे बहुत तकलीफ़ हुई। पर जब मेरे होल्स थोड़े अच्छे से खुल गए तो मुझे भी मज़ा आने लग गया। फिर मैं भी उनका साथ देने लग गई। फिर वे चेंज हो-होकर और 30 मिनट तक लगातार मुझे चोदते रहे। उनमें से कोई भी एक ने अभी तक अपना माल नहीं गिराया था, जबकि मेरा 3 बार कम निकल चुका था।
मैंने उनसे बोला – प्लीज़ 5 मिनट का रेस्ट और एक लार्ज पेग लेने दो।
वे – बस 15 मिनट और रुक जा।
फिर पाँचों लोग मेरे आसपास आ गए। उन्होंने सोफ़े को बेड के साथ एडजस्ट किया और एक सोफ़े पर बैठ गया। मैंने दोनों तरफ़ टाँगें करके उसके लंड को अपनी चूत पर सेट करके अंदर किया। फिर दूसरा पीछे से आया और उसने अपना लंड मेरे गाँड़ में डाल दिया।
तीसरा बेड पर चढ़ गया और अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया। बाक़ी दो मेरे बूब्स को दबा रहे थे। कभी वे मेरी कमर पर स्लैप कर रहे थे और वे मुझे काफ़ी ज़ोर से चोद रहे थे। इतने में फ़ोन की रिंग बजी। मुझे पता नहीं क्या हुआ। मैंने किसी को रुकने के लिए नहीं बोला और फ़ोन उठा लिया।
वह – हेलो।
मैं हेलो बोलने की कंडीशन में नहीं थी और न कुछ भी क्लियर बोलने की कंडीशन में थी।
मेरे मुँह से जो निकला वह सिर्फ़ ग्गाआग्ग् उफ़्फ़ ओह्फ़्ग्ग्… और मोन की मिली-जुली साउंड थी।
उसे सुनकर वह बोला – लगता है बहुत दमदार चुदाई चल रही है?
मेरे मुँह से आह्ह्ह ह्हाआ ह्ह की ही साउंड निकली और वह बोला – चल उनमें से किसी एक को फ़ोन दे।
मैंने फ़ोन उससे पकड़ा दिया जो मेरी चूत मार रहा था। फिर उनकी कुछ बात हुई। उसने बोला चल ठीक है। फिर सब मुझे ज़ोर से चोदने लग गए। उसके 2 मिनट बाद ही डोर नॉक हुआ। जो मेरे बूब्स पर स्लैप कर रहे थे उनमें से एक डोर खोलने गया। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैं अपनी चुदाई में इतनी मदमस्त थी कि मैंने किसी को रुकने को नहीं बोला। शायद बोलती भी तब भी वे रुकने वाले नहीं थे और वे न ही देखते कि गेट पर कौन आया है। फिर जिसने गेट खोला था वह अपने साथी से बोला – भाई साहब वेटर आया है।
जो मेरी गाँड़ मार रहा था वह बोला – उसे गेट पर ही 2 मिनट वेट करने को बोलो। फिर वे तीनों ज़ोर-ज़ोर से मुझे चोद रहे थे। मुझे नहीं पता था वह गेट ओपन में गेट के बाहर है रूम के अंदर है या गेट बंद में गेट के बाहर है। पर यह सोचकर मैं और ज़्यादा एक्साइटेड हो रही थी कि वेटर को भी पता चल गया कि मैं आज पाँच लोगों से चुद रही हूँ।
और मैं बहुत लाउडली मोन करने लग गई और मैं बोली – आह्ह और ज़ोर से चोदो आह्ह। सबसे पहले जो मेरा मुँह चोद रहा था उसने मेरे मुँह में ही अपना माल डाल दिया और मैंने भी एक अच्छी रंडी की तरह उससे पी लिया। बाक़ी दो अभी भी मुझे चोद रहे थे।
फिर जो गाँड़ मेरी मार रहा था उसने अपना कम मेरी गाँड़ में ही डाल दिया और वे दोनों हट गए, पर तीसरा अभी भी लगा हुआ था। फिर जब वह भी झड़ने वाला था तो उसने मुझे अपने लंड पर से उतारा और नीज़ पर बैठा दिया और मेरे फेस पर अपना कम निकाल दिया।
इतने में फिर डोर नॉक हुआ। तब मुझे पता चला वेटर बाहर था। पर पता नहीं क्यों पर मुझे ऐसा लगा काश वह अंदर होता और मेरी चुदाई देखता। फिर एक ने पर्स से पैसे निकाले बोला – जा उसे देकर आ। मैंने अंदर ही अंदर थोड़ी ख़ुश हुई।
पता नहीं क्यों पर मैं उससे दिखाना चाहती थी कि मेरी कितनी ज़ोरदार चुदाई हुई है। मैंने जल्दी से ब्रा उठाई और उससे अपना फेस साफ़ किया और नाइटी पहन ली। मेरे बाल और काजल पूरा बिखर गया था। मैंने गेट खोला। उसने मुझे ऐसे देखा जैसे बोलना चाह रहा हो वाह रंडी क्या मस्त चुदवाती है। या यह मेरे मन की इच्छा हो सकती है कि वह ऐसा बोलता।
फिर मैं अंदर आ गई। उन्होंने एक लार्ज पेग बना दिया था। मैंने वह पेग पिया और खुद ही दोनों के लंड पकड़के सहलाने लग गई। फिर उन दोनों ने भी लगभग मुझे 20 मिनट एक साथ दोनों होल्स को बदल-बदलकर चोदा और एक ने मेरे बूब्स पर और दूसरे ने मेरी कमर पर अपना कम गिराया।
फिर मैं वहीं फ़्लोर पर लेट गई और अपने ग्रुप सेक्स के फ़ैंटेसी के पूरे होने की ख़ुशी को महसूस कर रही थी। फिर एक बोला – चल साफ़ कर ले। फिर मैंने बाथरूम में जाकर क्विक बाथ लिया और खुद को अच्छे से साफ़ किया और बाहर आ गई। वहाँ उन्होंने एक पेग और बना रखा था। मैंने वह पेग पिया और फिर हमने थोड़ी बात करी।
वे बोले – यार तुझे तो दो-तीन दिन तक चोदने का मन है। तू कब तक है यहाँ पर?
मैं – आज ही हूँ।
वे – अबे यार आज तो काम से जाना है। वरना तुझे तो और चोदते।
मैंने स्माइल दी और फिर एक बोला – फिर कब चोदने को मिलेगा?
मैं – जब नेक्स्ट टाइम यहाँ आऊँगी।
वे – पक्का।
मैंने हाँ में गर्दन हिलाई। फिर उन्होंने अपना नंबर दिया और बोले – नेक्स्ट टाइम दो-तीन दिन के लिए कम से कम आना।
मैं – ठीक है।
फिर वे जाने लगे तो मैं बोली – मुझे तो तुम लोगों के साथ बहुत मज़ा आया।
मैं दुबारा खुद नंगी हो गई और घुटने पर बैठ गई। वे भी समझ गए क्या करना है। उन्होंने भी अपनी पैंट निकाल दी। मैंने एक-एक करके पाँचों के लंड एक साथ चूसने शुरू कर दिए। और उन सबने मेरे फेस पर अपना कम निकाल दिया और वे सब चले गए।
मैंने खुद को आईने में देखा तो मैं एक नंबर की बाज़ारू औरत लग रही थी। मैंने याद के लिए अपनी दो-तीन सेल्फ़ी लीं और खुद साफ़ करने जाने लगी। इतने में डोर नॉक हुआ। मैंने अंदर से पूछा कौन है? तो बाहर से मेरे बॉयफ़्रेंड की आवाज़ आई। मैंने डोर ओपन किया। वह मुझे देखकर शॉक्ड हो गया और वह बोला। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वह – वाह तू तो पूरी रंडी लग रही है।
मैं – जब रंडी बनाया है तो रंडी ही लगूँगी ना।
फिर मैंने उसे आँख मार दी और हम दोनों हँसने लग गए। फिर हम वहाँ से निकल गए। फिर हमने दुबारा एक सही-सा होटल लिया जहाँ मैंने दो दिन तक आराम किया। उसके बाद मैं घर आ गई। उस इंसिडेंट को मैं जब याद करती हूँ तो मेरी चूत गीली हो जाती है।
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ये Slut Group Fuck Story आपको कैसी लगी मुझे कमेंट करके बताये…
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