Party Me Gay Sex Story
मेरा नाम नीरज है और मेरी उम्र 22 साल है। मेरी हाइट 5’6 है और मेरा वेट 55 Kg है। मेरा रंग गोरा है और मैं एक हैंडसम लड़का हूँ। मेरे पापा गवर्नमेंट ऑफ़िसर हैं। यह हिंदी सेक्स स्टोरी तब की है जब उनके दोस्त की प्रमोशन पार्टी थी।
उन्होंने पापा को इनवाइट किया हुआ था। उन दिनों मम्मी बाहर गई हुई थीं। तो पापा ने मुझे बोला – तू घर पर अकेला क्या करेगा, चल तू भी मेरे साथ पार्टी में चल। वहाँ खाना खाकर मेरे साथ तू वापस आ जाइयो।
शाम को हम दोनों अंकल के घर चले गए। उनका घर काफ़ी बड़ा था और उसमें क़रीब 5-6 रूम थे। जब हम अंदर गए तो हमारे अलावा 6 लोग और थे। मैं अकेला वहाँ पर 22 साल का था। और बाक़ी सब 50 साल या उससे ऊपर के थे।
जो अंकल पार्टी दे रहे थे, उनका नाम राकेश है और वे 56 साल के हैं। उनकी हाइट 5’8 है और उनका वेट 75 Kg है। वे दिखने में गोरे थे और उनके बाल भी सफ़ेद हो चुके थे। वैसे उनका पेट निकला हुआ था। उन्होंने मुझे देखा और मुझे गले से लगा लिया।
अंकल – वाह! कोई तो जवान आया इस पार्टी में। अब ये पार्टी रंगीन हो गई।
पापा – ये पिएगा नहीं, सिर्फ़ खाना खाएगा।
यह सुनकर मेरा मुँह लटक गया और अंकल मुझे देखकर बोले – अच्छा तब तो ये यहाँ बोर हो जाएगा। जाओ बेटा तुम अंदर टीवी देखो और खाने को जो चाहिए तुम किचन से ले लेना। सब तुम्हारा ही है।
फिर मैं ऊपर के एक रूम में चला गया। वहाँ कुछ पनीर के पकौड़े लेकर टीवी देखने लग गया। वहाँ पर मुझे नीचे से अंकल्स की हँसने की आवाज़ आ रही थी। क़रीब 2 घंटे बाद सब जैसे ही सन्नाटा हो गया। तभी मेरे रूम का डोर किसी ने नॉक किया तो मैंने डोर खोला। तो बाहर अंकल थे। उनके हाथ में 2 बीयर की बोतल थीं।
तो मैं बोला – क्या हुआ अंकल? पार्टी ख़त्म हो गई क्या?
अंकल – अरे कहाँ की पार्टी। सब साले पीकर बेहोश पड़े हैं।
फिर वे अंदर आए और वे बोले – ये मैं तुम्हारे लिए लाया हूँ। मुझे पता है तुम्हारा पीने का मन है। पर तुम अपने पापा के डर के कारण पी नहीं रहे हो।
मैं – नहीं अंकल, मुझे घर जाना है।
अंकल – तुम्हारे पापा इतने टाइट हो गए हैं कि अब उनकी शाम तक नहीं उतरेगी। तुम टेंशन न लो। आराम से पी लो।
फिर वे अंदर आए और मैंने डोर को बंद कर दिया। और हम दोनों बेड पर बैठ गए।
मैं – अंकल आप भी मेरे साथ पियोगे ना?
अंकल – बेटा मैं भी बहुत टाइट हूँ। तू जितना पिएगा पी लो। मैं तुम्हारे साथ बैठा हूँ।
Party Me Gay Sex Story
तो उन्होंने जल्दी से एक बोतल खोलकर मुझे दे दी। हम दोनों धीरे-धीरे बात कर रहे थे और तभी मैंने एक बोतल ख़त्म कर दी। मुझे भी अब हल्का-सा नशा हो गया था। जब मैं नशे में आ जाता हूँ तो अपने लंड की चाहत को छुपा नहीं पाता हूँ। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अंकल को अपने इतने क़रीब देखकर मुझे कुछ-कुछ हो रहा था। तभी अंकल बोले – बेटा गरमी हो रही है। मैं अपना कुर्ता उतार देता हूँ। फिर वे सिर्फ़ बनियान और पजामे में बैठे थे। उनकी बॉडी देखकर अब मेरा लंड खड़ा हो गया था। अंकल ने देखा कि मैं एक बोतल पी गया तो उन्होंने दूसरी बोतल मेरी ओर बढ़ा दी।
मैं – अंकल थोड़ी आप भी पियो ना।
अंकल ने मना कर दिया।
इस पर मैं बोला – अच्छा तो सिर्फ़ झूठा ही कर दीजिए ना। मुझे आपका झूठा पीना है।
यह सुनकर अंकल ने मेरी तरफ़ घूरकर देखा। फिर पूरी बोतल के मुँह को उन्होंने अपनी जीभ से चाटकर मुझे दे दी। जहाँ से उन्होंने चाटा था, वहाँ से मैंने चाटा और फिर मैं बीयर पीने लग गया।
यह देखकर अंकल हँसे और वे बोले – बेटा तुम्हें गरमी नहीं लग रही है क्या? चलो तुम भी अपने कपड़े निकाल दो।
मैंने अपनी टीशर्ट ऐसे उतारी कि उसके साथ ही मैंने अपनी बनियान भी उतार दी। तो अंकल ने भी अपनी बनियान उतार दी। और हम दोनों ऊपर से नंगे बैठे थे।
अंकल – वैसे तुम्हें मेरा झूठा क्यों पीना था?
मैं – आप मुझे अच्छे लगते हो इसलिए।
यह सुनकर अंकल मुस्कुराए और मुझे खींचकर अपने सीने से लगा लिया। और वे बोले – तुम जल्दी से ये बोतल ख़त्म कर लो। फिर मैं तुम्हें एक मस्त चीज़ पिलाता हूँ। मैंने जल्दी से बीयर पी ली और उठकर मैं अंकल के क़रीब आकर बैठ गया। अंकल ने मेरा सिर सहलाया और मुझे फिर से कसकर अपने सीने से लगा लिया।
मैं – अंकल आप मुझे कुछ पिलाने वाले थे?
अंकल हँस दिए और उन्होंने पजामे का नाड़ा खोल दिया। और उसे उतारकर साइड में फेंक दिया। अब उन्होंने अंडरवियर के ऊपर से अपना लंड पकड़ा और वे बोले – इसमें से भी कुछ निकलता है और वो काफ़ी मस्त होता है। बोल पिएगा?
उनका मोटा सफ़ेद झाँटों से घिरा लंड देख मैं कुछ समझ नहीं पाया। और झुककर उसे मैं मुँह में लेकर चूसने लग गया। नशे में मुझे टाइम का कुछ पता नहीं चला। और मैंने ऐसे ही 10 मिनट तक उनके लंड को चूसता रहा। अंकल सिर्फ़ आह आह करते हुए मेरे सिर को सहला रहे थे।
और मैं बोला – अंकल इसमें से कुछ भी नहीं आ रहा है।
अंकल – बेटा नशे में हूँ ना इसलिए।
फिर उन्होंने हाथ से अपने लंड को हिलाया और मुझे अपने लंड का पानी पिलाया। मैं नशे में उनके लंड का सारा पानी पी गया। फिर उन्होंने मेरा पायजामा उतारा और मुझे बेड पर नंगा लिटा दिया। वे खुद मेरे बग़ल में चिपककर लेट गए। और वे मुझे किस करने लग गए। उनकी साँसों की गरमी मुझे बहुत मज़ा दे रही थी। हम दोनों एक-दूसरे को सहला रहे थे और चूम रहे थे।
बीच-बीच में एक-दूसरे के बूब्स को भी हम दोनों चूस रहे थे। पर नशे में होने के कारण लंड खड़ा नहीं हो पा रहा था। फिर सुबह अचानक से 6 बजे किसी ने हमारा डोर नॉक किया। तो मैं और अंकल चौंक उठे। हम दोनों ने जल्दी-जल्दी अपने कपड़े पहने और कपड़े पहनकर दरवाज़ा खोला। बाहर पापा खड़े थे और वे बोले।
Father Son Gay Sex Story
पापा – जल्दी चल। तेरे कॉलेज का टाइम हो रहा है। और मैं भी ऑफ़िस के लिए लेट हो रहा हूँ।
अंकल – अरे रुक जा। एक दिन की छुट्टी ले ना यार।
पापा नहीं माने तो मैंने अंकल की तरफ़ देखा, जिनका चेहरा उदास हो गया था। फिर मैं पापा के साथ चला गया। घर आकर मैंने हाथ-मुँह धोया और फिर मैं पापा से बोला।
मैं – पापा आज तो कॉलेज की छुट्टी है।
पापा – हाँ और मेरा भी आज ऑफ़िस नहीं है।
मैं – तो पापा हम दोनों इतनी जल्दी क्यों घर आ गए?
अब मैंने पापा के चेहरे पर गुस्सा देखा और वे बोले – क्या मैं तुझे इसलिए पार्टी में ले गया था कि तू अंकल से चुद सके? क्या कर रहा था कि बंद कमरे में अंकल के साथ?
मैं डर गया और मैं बोला – पापा ऐसा कुछ नहीं है।
पापा – उस रूम के बाहर एक विंडो है जहाँ से सब कुछ दिख जाता है।
मैं यह सुनकर चौंक गया और मैं कुछ नहीं बोला। तो पापा चिल्लाकर बोले – लंड ही चाहिए था तो तू मेरा ले लेता।
यह कहकर उन्होंने अपनी पैंट और अंडरवियर दोनों उतार दिए। फिर वे गुस्से में मेरे पास आए और मेरे बाल पकड़कर उन्होंने मुझे नीचे बिठा दिया।
पापा – तुझे लंड चाहिए था ना?
मैं अभी भी नशे में ही था। तो मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था कि मैं क्या करूँ। फिर मैंने देखा कि पापा का लंड मोटा और गोरा है। और काली झाँटों से भरा हुआ बहुत अच्छा लग रहा है। फिर पापा ने बाल पकड़कर मुझे आगे खींचा. ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
और मैं उनकी कमर में हाथ डालकर उनका लंड चूसने लग गया। पापा ने मुझे हटाना चाहा पर मैंने उनका पेट कसकर पकड़ लिया। फिर मैं उनके लंड को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लग गया। पापा ने मुझे हटाने की कोशिश करी और मुझे दो थप्पड़ भी मारे पर मैं उनका लंड ऐसे ही चूसता रहा।
पापा – हरामी साले गंदी लंड चुसेगा?
मैं उनका लंड ज़ोर-ज़ोर से चूस रहा था। और अब उनका लंड उनकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ खड़ा हो गया था। और वे अब चुपचाप खड़े हो गए। मैंने थोड़ी देर और उनका लंड चूसा। फिर उनके लंड का पानी मेरे मुँह में आ गया। जिसे मैं पूरा पी गया और मैंने उनके लंड को चाट-चाटकर साफ़ कर दिया। पापा की आँखें ऐसे हो रही थीं मानो वे मदहोश हो रहे हों।
वे लंबी-लंबी साँसें ले रहे थे। जब मैं उनका लंड छोड़कर उठा तो वे मुझे देखकर बोले – जा अब बाद में बात करते हैं। फिर मैं जाकर सो गया। और उसके बाद मेरे और पापा के रिश्तों में काफ़ी बदलाव आ गया। जो मैं आपको बाद में बताऊँगा।
इसे भी पढ़े – कुंवारी मौसी की सील तोड़ी मामी के घर में
ये Party Me Gay Sex Story आपको कैसी लगी मुझे कमेंट करके बताये…
[…] इसे भी पढ़े – पापा के दोस्त मेरी गांड चोदने लगे […]