Bestie Ki Chudai XXX
मेरा नाम गब्बर है और मेरी उम्र 29 साल है, और महाराष्ट्र से हूँ। मैं लोगों की तरह झूठ नहीं बोलूँगा, मेरा लंड 4.5 इंच लंबा और 3.5 इंच मोटा है। इस कहानी की नायिका है मेरी बेस्टी मोनिका। जिसकी अब शादी हो चुकी है, और उसकी उम्र 28 साल है।
मोनिका के बारे में आपको मैं बताऊँ तो मोनिका दिखने में बहुत ही सुंदर और गोरी है। मोनिका का सेक्सी फ़िगर साइज़ 32-30-36 है। तो चलिए अब कहानी शुरू करते हैं। बात तब की है जब मोनिका 20 साल की थी और मैं 21 साल का था।
मोनिका मैं और उसका सगा भाई हम तीनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। उसकी फैमिली में मुझे सब जानते थे, और ये मानते थे कि हम दोनों एक-दूसरे को भाई-बहन मानते हैं। पर सच्चाई कुछ और थी, जो तब हमें भी पता नहीं थी।
जब हम दोनों 12वीं क्लास में थे, तब तक हम दोनों कुछ भी नहीं पता था। पर जब 11वीं क्लास में मैंने साइंस ले ली और उसने कॉमर्स ले ली, तो हमारा मिलना-जुलना काफ़ी कम हो गया। फिर हम अक्सर फ़ोन पर ही बात करते थे।
फिर 12वीं क्लास के बाद वो पुणे में शिफ़्ट हो गई। मैंने अपने गाँव में ही कॉलेज में ही एडमिशन ले लिया। जब वो पुणे में शिफ़्ट हुई तो हम लोग थोड़ा और खुल गए और खुलकर बात करने लग गए। अब उसका भाई उसके साथ नहीं होता था, तो अब हम जब मर्ज़ी एक-दूसरे से बात कर लेते थे।
मोनिका मुझे हर रोज़ कॉल करती थी और पूरे दिन में क्या हुआ ये सब कुछ बताती थी। मैं भी उससे यहाँ जो भी हुआ उसके साथ सब कुछ शेयर करता था। मुझे हमेशा उसकी फ़िकर रहती थी, और उसे मैं कभी-कभी डाँट भी देता था।
उसे भी ये सब अच्छा लगता था कि मैं उसे केयर करता हूँ। फिर ऐसे ही दिन बीते और एक दिन मैंने सोचा क्यों न मैं मोनिका को उसके बर्थडे पर सरप्राइज़ दूँ। तो फिर मैंने पुणे की टिकट्स बुक करीं और मैं उसके बर्थडे पर पुणे आ गया।
मैंने उसकी एक फ्रेंड की हेल्प से उसे एक रेस्टोरेंट में बुलाया। उसका मालूम नहीं था कि मैं उससे मिलने वाला हूँ। कुछ देर बाद मैंने रेस्टोरेंट में पहुँचा जहाँ वो अपनी दोस्त के साथ बैठी थी। मैंने पीछे से उसकी आँखों पर अपनी हथेलियाँ रखीं और उसको बर्थडे विश किया।
उसने मेरी आवाज़ को पहचान लिया और वो एक्साइटमेंट में उठकर वो खड़ी हो गई। वो बहुत ही ख़ुश थी। उसने ख़ुशी से मुझे अपने गले लगा लिया। ये पहली बार था, जब हम दोनों गले मिले थे। कुछ सेकंड्स के बाद उसे एकदम होश आया कि ये क्या हुआ है, और फिर वो मुझसे थोड़ा दूर हो गई।
पर वो काफ़ी ख़ुश थी, क्योंकि मैं सिर्फ़ उससे मिलने पुणे उसके बर्थडे पर आया था। मैं इसलिए ख़ुश था, कि आज पहली बार किसी लड़की ने मुझे गले से लगाया है। फिर रेस्टोरेंट में हमने कॉफ़ी वग़ैरह पी और पूरा दिन हम बाहर ही घूमे, और हमने खाना खाया और ख़ूब मज़े किए। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर मैं रात को पुणे से घर के लिए निकल गया, और निकलते टाइम मैंने उसके फ़ॉरहेड पर किस कर दी। उसने कुछ नहीं बोला। फिर हम चैटिंग करने लग गए, और उसने मुझे थैंक यू बोला इतने बड़ा और इतना अच्छा सरप्राइज़ देने के लिए। फिर मैंने उसे फ़ॉरहेड पर किस के लिए सॉरी बोला, तो उसने इट्स ओके कहकर जवाब दे दिया।
Bestie Ki Chudai XXX Story
मैं – वैसे फ़ॉरहेड किस बताता है कि हम सामने वाले की केयर करते हैं, और तेरी मैं हमेशा ही केयर करता हूँ।
मोनिका – हाँ मुझे पता है, यू केयर मी अ लॉट।
मैं – क्या मैं जब भी मिलूँ उससे किस कर सकता हूँ, फ़ॉरहेड पर?
मोनिका – हाँ ज़रूर।
अब मैं किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं चाहता था। फिर ऐसे ही दिन बीतते गए और हमारी बातें होती गईं। अब वो मुझे पर बहुत ट्रस्ट करती थी, और मैं भी उसकी बहुत केयर करता था। फिर हॉलीडेज़ में मैं और वो अपने गाँव में आ गए, और उसने मुझे बताया कि कुछ दिनों बाद उसका भाई कहीं जाने वाला है। और उस टाइम वो मुझसे मिलने का सोच रही है।
ये सुनकर मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, क्योंकि जिस टाइम उसका भाई जाने वाला था। उसी टाइम मेरे घर वाले भी बाहर जाने वाले थे। पर मैंने ये उसे नहीं बताया था, कि कहीं वो मिलना कैंसल न कर दे। क्योंकि हमारे बीच में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था, हम बस अच्छे दोस्त थे।
फिर वो दिन आ गया जब वो मुझसे मिलने आई। उसने डोर बेल बजाई और मैंने दरवाज़ा खोला तो मैं उसको देखता ही रह गया। वो व्हाइट टॉप और ब्लैक जींस पहनकर आई थी। तो उसमें से उसकी हल्की-सी ब्रा की शेप दिख रही थी। क़सम से वो काफ़ी ख़ूबसूरत लग रही थी।
मैं उसे अंदर आने को कहा और उसे बैठने के लिए बोला, और किचन में उसके लिए पानी लेने गया। फिर जब मैंने उसे पानी दिया तो वो बोली – अंकल-आंटी नहीं हैं घर पर?
मैं – वो कल शाम को ही रिलेटिव के यहाँ गए हैं, और वो कुछ दिनों के बाद ही आएँगे।
मोनिका – तुम पहले बता देते, मैं बाद में आ जाती।
मैं – कोई बात नहीं अच्छा ही हुआ ना।
फिर हमारी थोड़ी देर इधर-उधर की बातें हुईं और फिर मैं धीरे से बोला – क्या तुम मुझे हग दे सकती हो, जैसे पुणे में दी थी?
उसने कुछ पल सोचा और फिर उसने हाँ कर दी और अपनी बाँहें उसने फैला दीं।
फिर मैं बोला – ऐसे नहीं?
उसने थोड़ा शॉक होते हुए पूछा – और कैसे?
मैं – मुझे तेरी दिल की धड़कन सुननी है, क्या मैं अपना कान तेरे सीने पर लगा सकता हूँ?
ये सुनते ही उसने मेरा फेस पकड़ा और मेरा फेस उसने अपने सीने पर लगा दिया। हमने कभी भी सेक्सी बातें नहीं करी थीं, और ना ही कभी ऐसा सोचा था। अब जब उसने मेरा चेहरा उसके सीने से लगाया। तो मुझे में एक हलचल-सी मच गई। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसकी भी धड़कन काफ़ी तेज़ हो गई थी। वो मानो जैसे कह रही हो, कि मुझे अपने आगोश में भर लो। उसके जिस्म से बहुत ही मस्त महक आ रही थी। कुछ पल हम ऐसे ही रहे। फिर मैंने अपने हाथ उसकी पीठ के पीछे कर लिए और उसे थोड़ा कस लिया।
Virgin Girlfriend Defloration Porn Story
जिससे उसके बूब्स अब मेरे सीने पर दब गए। अब तक जो मेरे कान उसके मुलायम बूब्स को छू रहे थे। अब मेरा पूरा फेस उसके बूब्स से लग रहा था। फिर मैंने अपना फेस सीधा किया और अपने फेस को उसके दोनों बूब्स के बीच में कर लिया।
हम दोनों अब मदहोश हो गए थे। उसने भी अब मेरे बालों को सहलाना शुरू कर दिया था। दोनों की आँखें अब बंद थीं। मैं थोड़ा ऊपर उठा और उसी टाइम उसने भी थोड़ी गर्दन झुकाई और हमारे होंठ आपस में मिल गए। ये सब कोई सोच-समझकर नहीं हुआ था, ये सब बस एकाएक हो गया था।
फिर हम आपस में किस करने लग गए, और हमारी जीभ एक-दूसरे के मुँह में अंदर तक जा रही थी। मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरा हाथ उसके बूब्स को दबाने लग गया। वो भी मदहोशी में सिसकियाँ भरने लग गई थी। उस पर भी अब सुरूर चढ़ने लग गया था।
वो जंगली बिल्ली की तरह मुझे किस करने लग गई थी। मैंने भी उसके कंधे से टॉप नीचे कर दिया। फिर मैं उसके कंधे पर चूमने और काटने लग गया। अब मैं उसका टॉप उतारने लग गया। पर उसने अपने हाथ से रोक दिया, और फिर मैंने उसे फिर से स्मूच कर लिया और मैंने उसका टॉप उतार दिया। टॉप उतारने में उसने मेरी हेल्प करी, और फिर मैंने उसकी ब्रा को खोलकर उसके बूब्स को चूसने लग गया।
मोनिका – चूसो गब्बर और चूसो ख़ूब अच्छे चूसो, इन्हें आज लाल कर दो आह।
गब्बर – मोनिका मैं तुम्हें समाना चाहता हूँ, मुझे पागल कर दो मार दो।
मोनिका – गब्बर मेरे बूब्स और ज़ोर दबाओ और ज़ोर से स्मूच करो।
गब्बर – मोनिका पैंटी उतारो मुझे अपनी चूत पर हाथ फेरने दो।
फिर उसने अपनी जींस और पैंटी को उतार दिया। उसकी चूत पर बहुत बाल थे। फिर मैंने अपना हाथ उसकी चूत पर लगा लिया, और उसकी चूत गीली हो चुकी थी। अब मैंने उसके बूब्स को चूस रहा था, और उसकी चूत पर हाथ घुमा रहा था। उसने भी मेरे लंड को पकड़ लिया और उसे सहलाना शुरू कर दिया। फिर उसने मेरे लंड को पकड़कर कहा – गब्बर इसे मेरे अंदर डाल दो मुझसे अब कंट्रोल नहीं हो रहा है।
गब्बर – हाँ मोनिका मुझसे भी अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है।
फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया, और अब मैंने उसकी चुदाई शुरू कर दी थी। क़रीब 7-8 मिनट बाद मैं झड़ गया, और वो भी मेरे साथ ही झड़ गई थी। ये हमारा पहली बार था, इसलिए उसकी चूत में से खून निकल रहा था। अब हम दोनों बहुत सुकून महसूस कर रहे थे। हमने एक बार फिर से स्मूच किया और कपड़े पहने।
मोनिका – ये बात सिर्फ़ हम दोनों के बीच में ही रहेगी।
मैं – ठीक है।
हम दोनों में प्यार था नहीं, पर हम दोनों ने ख़ूब चुदाई करी। अब उसकी शादी हो चुकी है, पर आज भी हम दोनों को हमारे बिताए हुए पल याद आते हैं। मौक़ा मिले तो हम फिर से सेक्स करना चाहते हैं।
इसे भी पढ़े – पापा के दोस्त मेरी गांड चोदने लगे
ये Bestie Ki Chudai XXX की कहानी आपको कैसी लगी मुझे कमेंट करके बताये…
Leave a Reply