Bhabhi Bur Chudai Kahani
हेलो फ्रेंड्स, मैं गोलू और मेरी उम्र 21 साल है और मेरे लंड का साइज़ 6 इंच है। एक बार फिर आप सबके सामने मैं अपनी एक सच्ची कहानी लेकर आया हूँ। इस कहानी में मैं आपको बताऊँगा कि कैसे मैंने अपनी भाभी को सेक्स के लिए पटाया और फिर भाभी की ज़बरदस्त चुदाई करी।
मेरी फ़ैमिली में हम 5 लोग हैं। मैं, मेरे मॉम-डैड और मेरे भैया-भाभी। यह स्टोरी आज से 6 महीने पुरानी है। चलो पहले मैं आपको अपनी भाभी के बारे में बता देता हूँ। मेरी भाभी का नाम करिश्मा है और उनकी आज से 2 साल पहले भैया से शादी हुई थी।
वह अभी 25 साल की हैं और उनका जिस्म एकदम भरा हुआ है। उनके 33 के बूब्स को देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाता है। मैं भी भाभी को अंदर ही अंदर चोदना-चोदना चाहता था। उनको जी भरकर मैं प्यार करना चाहता था। पर कुछ कभी कर नहीं पाता था।
मेरे और भाभी में थोड़ी-बहुत हँसी-मज़ाक चलता रहता था। काफ़ी बार हँसी-मज़ाक में मैं भाभी के बूब्स भी टच कर देता था। पर भाभी ने कभी इस बात का बुरा नहीं माना था। एक बार मैं टॉयलेट में टट्टी कर रहा था तो मैं अंदर काफ़ी देर तक पॉर्न देख रहा था। और मैं मुठ मारकर मैं बाहर आया था।
भाभी बाहर मेरा वेट कर रही थीं। शायद उन्हें भी टॉयलेट जाना होगा। उन्होंने अंदर जाते हुए बोला – देवर जी काफ़ी टाइम लगाते हो। लगता है अब आपकी शादी करवानी होगी। शायद भाभी को अंदाज़ा लग गया था कि अंदर मैं मुठ मार रहा था।
ऐसे ही कुछ दिन बीत गए। एक दिन भाभी के मायके से न्यूज़ आई कि भाभी के भाई की तबीयत बहुत ख़राब है। तो भाभी वहाँ जाने को बोलने लग गईं, पर भैया को ऑफिस से छुट्टी नहीं मिल रही थी। तो भैया ने मुझे कहा कि मैं भाभी के साथ कुछ दिन के लिए उनके घर चला जाऊँ।
अरे मैं तो आपको बताना ही भूल गया कि भाभी बलिया की रहने वाली थीं। और हम दोनों को नेक्स्ट डे की किसी भी ट्रेन में टिकट नहीं मिल रही थी तो हमने डिसाइड किया कि हम लोग एसी स्लीपर बस में जाएँगे। तो मैंने उसी दिन दो टिकट्स बुक कर लीं और नेक्स्ट डे हम दोनों भाभी के घर के लिए रात को निकल गए।
हमारी बस रात को 9 बजे आनंद विहार से चलने वाली थी। इधर मैंने सोच रखा था कि चाहे कुछ भी हो जाए आज मैं भाभी को पेल कर रहूँगा। हम दोनों नेक्स्ट डे आनंद विहार पहुँच गए और अपनी सीट्स पर हम बैठ गए। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
दोस्तों आप लोगों को पता ही होगा कि स्लीपर बस में दो लोगों की जगह होती है। और एक छोटा-सा केबिन जैसा बस में होता है। जैसे आप चाहो तो अंदर से बंद भी कर सकते हो। हम दोनों फिर बैठे-बैठे एक-दूसरे से ऐसे ही इधर-उधर की बातें करने लग गए। भाभी मुझसे मेरी गर्लफ़्रेंड के बारे में पूछने लग गईं। मैंने भाभी से बोला।
Sexy Bhabhi Bur Chudai Kahani
मैं – भाभी मेरी कोई गर्लफ़्रेंड नहीं है। मुझे आप जैसी कोई भी नहीं मिली है।
भाभी ने इतने में ही बोली – ऐसा क्या है मेरे अंदर जो तुझे मेरी जैसी ही गर्लफ़्रेंड चाहिए?
मैं – भाभी आप एक नंबर की हूर की परी लगती हो और अगर आप मिल गईं तो मैं कभी घर से बाहर ही नहीं निकलूँगा।
भाभी ने सुनकर हँसने लग गईं और वह बोलीं – लगता है देवर जी आप काफ़ी मूड में हो।
मैं – भाभी आप चीज़ ही ऐसी हो कि एक बार आपको जो देख ले तो उसकी हालत ख़राब हो जाती है।
भाभी – कोई अपनी भाभी के बारे में ऐसा सोचता है क्या?
मैं – आजकल तो ये सब नॉर्मल है और सही कहूँ तो आई लव यू सो मच और मैं आपके साथ सेक्स करना चाहता हूँ।
भाभी मना करने लग गईं और वह बोलीं – नहीं देवर जी ये गलत है। मैं तुम्हारे भैया के साथ धोखा नहीं कर सकती हूँ।
मैं – नहीं आपको क्या लगता है कि भैया सिर्फ़ आपके साथ ही सेक्स करते हैं? उनके ऑफ़िस में पता नहीं कितनी लड़कियाँ हैं और वे कितनों को चोद चुके हैं।
भाभी – पर हम दोनों के बीच ये गलत है।
मैंने भाभी से काफ़ी रिक्वेस्ट करी कि आज कर लेने दो। आज बहुत अच्छा मौक़ा मिला है। तो भाभी बोलीं – नहीं गोलू ये सब गलत है। अगर किसी को बाहर पता चल गया तो बहुत बदनामी होगी।
मैं – भाभी ये बात मेरे और आपके अलावा किसी को पता नहीं चलेगी।
भाभी हिचकिचाने लग गईं। फिर मैंने भाभी की एक न सुनी और तभी मैंने अपने लिप्स उनके लिप्स पर रख दिए। फिर मैंने उन्हें एक लॉन्ग किस करने लग गया और अपने हाथ से मैंने उनके बूब्स भी प्रेस कर रहा था। भाभी हल्का-हल्का विरोध कर रही थीं पर शायद उनका भी मन कर रहा था।
पर हमारे रिश्ते की वजह से वह खुल नहीं पा रही थीं। कुछ देर बाद भाभी भी मुझे किस करने में पूरा साथ दे रही थीं। और वह अपने हाथ से मेरी जींस के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लग गईं। उन्होंने मेरे लंड को ऊपर से टच करने लग गईं और मेरे लंड अब उफ़ान मारने लग गए।
तभी भाभी ने मेरी ज़िप को खोल दी। उन्होंने मेरा पूरा लंड पैंट से बाहर निकाल लिया और वह मेरे लंड को देखकर बोलीं – वाओ देवर जी आपका लंड तो बहुत बड़ा है। इसको अंदर लेने में आज मुझे बहुत मज़ा आएगा। फिर मैंने भाभी का ब्लाउज़ और उनकी ब्रा को निकाल दिया।
भाभी देवर मस्त सेक्स स्टोरी
अब उनके 33 के बूब्स मेरे सामने आ गए। मैं उनके बूब्स को मज़े से चूसने लग गया और एक हाथ से उनके एक बूब्स को मसल रहा था। दोस्तों मुझे इसमें बहुत मज़ा आ रहा था। अब मैंने भाभी को अपना लंड चूसने के लिए कहा। तो भाभी मना करने लग गईं।
मेरी काफ़ी रिक्वेस्ट करने के बाद वह तैयार हुईं। और उन्होंने 5 मिनट तक मेरा लंड चूसा तो मैंने भाभी की साड़ी और पेटीकोट दोनों उतार दिए। मैंने उनकी पैंटी निकाली और उनकी चूत को मैं चूसने लग गया। उनकी चूत बहुत ही कमाल की एकदम क्लीन शेव्ड थी।
क्या मस्त चूत लग रही थी। मैंने उनके चूत पर अपनी जीभ रख दी और उन्हें मैं चूसने लग गया। भाभी भी कंट्रोल नहीं कर पा रही थीं। मैं धीरे-धीरे अपनी उँगली भी उनकी चूत में डाल रहा था। भाभी एक बार इतने में ही झड़ गईं।
फिर मैंने भाभी को कहा – भाभी आप क्लाइमेक्स के लिए तैयार हो जाओ।
फिर उन्होंने बिना कुछ बोले अपनी टाँगें फैला दीं और मुझे अपना लंड उनकी चूत में डालने का इशारा किया। मैंने भी देर न करते हुए अपना लंड उनकी चूत में डाला और एक झटके में अपना पूरा लंड एक धक्के में पूरा डाल दिया। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसके बाद हम दोनों बातें भी इशारे में कर रहे थे ताकि बाहर वालों को कोई भी आवाज़ न जाए। इसी बीच भाभी भी अपने नीचे से पूरा ज़ोर लगा रही थीं। मैं भाभी को क़रीब 10 मिनट तक ऐसे ही उन्हें चोदता रहा। अब मैं झड़ने वाला था। मैंने भाभी से इशारे में पूछा कि भाभी मैं आने वाला हूँ।
भाभी – प्लीज़ कुछ सेकंड्स के लिए रोक लो क्योंकि अब वह भी आने वाली हैं।
फिर कुछ ही देर में मैं और भाभी एक साथ दोनों झड़ गए। उनकी चूत से बहुत सारा पानी आ रहा था और वह काफ़ी संतुष्ट लग रही थीं। उस रात मैंने भाभी को 3 बार बस में चोदा। अब हम दोनों जब भी मौक़ा मिलता है हम दोनों जमकर चुदाई करते हैं। और भैया को इस बारे में भनक तक नहीं है।
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ये Bhabhi Bur Chudai Kahani आपको कैसी लगी मुझे कमेंट करके बताये…
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