Kolkata Sex Worker Girl
नमस्कार दोस्तों, इस नाचीज़ का आप सब की मस्त रस से भरी चूतों और खड़े लंडों को मेरा सलाम। मैं 25 साल का कुँवारा युवक हूँ। मेरी हाइट 5′6 है और मेरा रंग साँवला है। मेरा नाम विकास है और मैं कलकत्ता में रहता हूँ। मुझे ख़ास कर शादीशुदा, आंटी और अधेड़ उम्र की औरतों बहुत पसंद हैं।
उनके साथ सेक्स करते समय जो मज़ा मिलता है, वह मज़ा कम उम्र की लड़कियों की चुदाई करने में नहीं मिलता है। उनकी मादकता से भरे बूब्स और उनके चूतड़ों की गोलाई मुझे बहुत पसंद है। जब वह चलती है, तो दोनों चूतड़ों के बीच का और वह घर्षण, और उनका ऊपर-नीचे होना मुझे बहुत ही अच्छा लगता है।
मुझे तो यह देखने में बहुत ही मज़ा आता है। उनके मोटे-मोटे बूब्स पर ब्राउन कलर के निप्पल्स मुझे बहुत ही अच्छे लगते हैं। ब्लाउज़ के अंदर देखते ही मेरा मन उन्हें दबाने का होने लग जाता है। वैसे तो मेरी स्टडी लड़कों के स्कूल में हुई है, इसलिए लड़कियों की तरफ़ मेरी कामुकता कुछ ज़्यादा ही है।
यह बात तब की है, जब हम सब दोस्त मिलकर छुट्टियों के दिन काम के लिए जाते थे। एक दिन जब हम साइट पर पहुँचे, तो वह साइट किसी कारणवश बंद थी। इसलिए हमें भी बिन माँगे छुट्टी मिल गई थी। मैं एक दोस्त के साथ उसके रूम पर चला गया। उसका नाम अजय था, वह मुझसे दो साल बड़ा है। हम दोनों ऐसे ही बैठे बोर हो रहे थे।
अजय के दिमाग में कुछ खुराफात पक रही थी और मुझसे बोला – विकास, आज चुदाई करने का मन कर रहा है। चल, चलकर चुदाई का मज़ा लेते हैं।
मैं हँसकर बोला – तेरा चुदाई करने का मन किया है, तो साले तुझे चूत कहाँ से मिलेगी? हाँ अगर तेरी कोई गर्लफ़्रेंड है तो तेरा काम बन सकता है। पर मुझे तो हिलाकर ही तसल्ली करनी पड़ेगी।
अजय – अरे ये मेरी भी तो वैसी ही हालत है, पर अपने एक दोस्त के साथ मैं काफ़ी बार जा चुका हूँ। और वहाँ पर मैं काफ़ी बार अलग-अलग लड़कियों की चुदाई करी है। वहाँ चलते हैं और इसी बहाने तुझे भी चूत के दर्शन हो जाएँगे।
मैंने भी जोश में आकर उसे हाँ बोल दिया और हम दोनों उस जगह पर पहुँच गए। जैसे ही वहाँ पहुँचकर मैंने देखा, तो वहाँ नज़ारा कुछ और ही था। हम जिस गली से गुज़रे, वहाँ दोनों तरफ़ एकदम सज-धज कर लड़कियाँ और औरतें खड़ी हुई थीं।
मैंने अपने दोस्त से पूछा – भाई तू मुझे यह कहाँ लेकर आ गया है? मुझे तो डर लग रहा है। साला यहाँ कहीं लेने के देने न पड़ जाएँ।
अजय – ऐसा कुछ नहीं होगा। तू सिर्फ़ मेरे साथ चल। आज तुझे मैं जन्नत की सैर करवाकर लाता हूँ।
फिर मैं चुपचाप उसके साथ आगे बढ़ गया। चलते-चलते हम एक घर के सामने आकर रुके। उस घर के एक रूम में काफ़ी सारी लड़कियाँ बैठी हुई थीं। उन सब में उसने मुझे एक को पसंद करने को बोला। मैं थोड़ा घबरा रहा था। तो उसने पहले अपने लिए एक मस्त माल को चुन लिया और अब वह मुझे भी एक लड़की को पसंद करने को फ़ोर्स करने लग गया।
तब जाकर मुझे पता चला कि वहाँ की लड़कियाँ पैसे लेकर चूत चुदाई करने के लिए तैयार रहती हैं। फिर मैं भी हिम्मत करके यहाँ-वहाँ नज़रें घुमाने लग गया। उसके बाद मैं सबके बूब्स को देखा। फिर मुझे वहाँ एक लड़की पसंद आई। आह वह क्या मस्त माल थी। उसने पीले रंग की सलवार पहनी हुई थी।
उसे देखकर ऐसा लग रहा था, मानो अप्सरा धरती पर आ गई हो। उसकी एकदम निशानी आँखें पहली नज़र में ही मुझे घायल कर चुकी थीं। उसका 36-30-38 का मस्त फ़िगर एकदम परफ़ेक्ट था। मेरे हिसाब से उसकी उम्र 25-28 के बीच रही होगी। उसके बूब्स इतने कसे हुए थे, मानो उनके ऊपर अभी कोई टूट पड़े।
मुझे उसके बूब्स ऐसे ललचा रहे थे कि आओ मुझे खा जाओ। नीचे उसके तरबूज़ के आकार के गोल-गोल चूतड़ और ऊपर होंठों पर लगाई हुई लिपस्टिक। उस नूर पर चार चाँद लगा रही थी। उसका पूरा शरीर एकदम एक तराशी हुई मूर्ति की तरह लग रहा था। फिर मैं अजय से धीरे से बोला – यार मुझे वह पसंद आ रही है। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अजय – क्या बात है, तुम्हारी पसंद तो काफ़ी अच्छी है।
फिर उसने उस लड़की को अपने पास बुलाया और शायद उसने उसे पैसे दिए। फिर वह मुझे देखकर मुस्कुराने लग गई। फिर अजय अपनी वाली लड़की को लेकर रूम में चला गया। वह मेरे पास आई और मेरा हाथ पकड़कर दूसरे रूम में ले गई।
मुझे थोड़ी शर्म-सी महसूस हो रही थी। मेरी हिचकिचाहट देखकर वह बोली – यहाँ पहली बार आए हो? शर्माओ नहीं। तुम जैसे चाहो वैसे मेरे साथ मस्ती कर सकते हो।
मैं – वैसे तुम्हारा नाम क्या है?
वह – मेरा नाम खुशी है।
फिर वह मेरे पास आई और मेरे बालों में हाथ फेरते हुए वह बोली – अरे मेरे राजा को देखो कैसे शर्म आ रही है। शर्म से इसका चेहरा लाल हो गया है।
फिर उसने हल्का-सा मेरे गाल पर किस किया। मैंने भी उसकी आँखों में देखते हुए अपने दोनों हाथों को उसकी पीठ के पीछे ले जाकर हल्के-हल्के उसकी पीठ को सहलाने लग गया और उसे मसलने लग गया। मुझे ऐसा करते वह मुस्कुराने लग गई और इस हँसी के साथ बहुत सेक्सी लग रही थी।
उसने मेरे गालों पर हाथ फेरते हुए मेरे होंठों पर हल्का-सा चुम्मा जड़ दिया। अपने हाथों से उसकी पीठ को सहलाते हुए मैं उसकी गर्दन के ऊपर हाथ फेरते हुए आगे बढ़ने लग गया। दोनों हाथ उसके चेहरे पर रखकर मैं उसके होंठों को चूसने लग गया। अब खुशी भी मेरा साथ दे रही थी। हम ऐसे ही 10-15 मिनट तक किस करते रहे। मैं हाथ को नीचे ले जाकर उसके बूब्स पर फेरने लग गया।
मैं – खुशी, तेरे चूतड़ कितने बड़े हैं, जैसे 5-5 किलो का एक तरबूज़ हो।
वह हँसते हुए मेरी पैंट के ऊपर से मेरे लंड को मसलने लग गई और मुझे किस करने लग गई। मेरे हाथों को थोड़ा ऊपर उठाते हुए वह मेरी कमर और पीठ पर हाथ फेरते हुए मुझे मज़ा देने लग गई। मैं उसकी शर्ट को ऊपर करके उतारने लग गया। उसने अंदर गुलाबी रंग की ब्रा पहनी हुई थी, जिसमें वह बहुत ही गज़ब की लग रही थी।
अब मैं उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स को दबाने लग गया। वह मुझे किस किए जा रही थी। खुशी मेरे चेहरे को सहलाते हुए मेरी कमीज़ उतारने लग गई। मैंने भी हल्के से उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया। मैं सलवार के अंदर हाथ डालकर पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को सहलाने लग गया।
फिर सलवार को उतारकर मैंने ज़मीन पर फेंक दिया। अब वह मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में थी। अब मैं अपने हाथ उसके पूरे शरीर पर दौड़ाने लग गया। उसके तन-बदन में अजीब-सी बिजली दौड़ने लग गई। मुझसे अब रहा नहीं गया। मैंने खुशी की ब्रा के हुक्स खोलकर उसके बूब्स को आज़ाद कर दिया।
उसकी आज़ाद बूब्स एकदम से उछलकर मेरे होंठों में आ गए। मैं उन्हें ज़ोर-ज़ोर से दबाने लग गया। अब मैं धीरे-धीरे उसके बूब्स को मसलने लग गया। थोड़ी देर बाद जीभ फेरते हुए मैं उसके बूब्स को चूसने लग गया। उससे वह चीख उठी और वह सिसकियाँ भरने लग गई। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने खुशी को बेड पर लिटा दिया और मैं ऊपर से उसे किस करते उसकी नाभि को चूसने लग गया। उसको इससे बहुत ही मज़ा आ रहा था। वह आह-आह करते हुए मज़ा ले रही थी। तभी उसने एक हाथ से मेरी पैंट की बेल्ट को खोल दिया और उसने मेरी पैंट को उतार दिया।
अब वह मेरे अंडरवियर के ऊपर से ही मेरे लंड को पकड़कर मसलने लग गई। मैं उसकी जाँघों पर से हाथ फेरते हुए उसे चूमने लग गया। फिर धीरे से मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया। अब मेरे सामने नाज़ुक, मुलायम चूत खुली पड़ी हुई थी। मुझे उसका दीदार हुआ, एकदम साफ़ थी।
फिर मैंने उसके ऊपर एक किस किया और मैं चूत के ऊपर अपना मुँह रखकर उसे पागलों की तरह चाटने लग गया। जैसे खुशी सिसकियाँ भर रही थी, वैसे-वैसे मैं अपनी जीभ उसकी चूत के अंदर डालकर उसे चोद रहा था। खुशी भी मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाकर मज़े ले रही थी.
और वह बोली – आह आँह मुझे बहुत मज़ा आ रहा है। मुझे ऐसे चूत चटवाने का मज़ा आज तक नहीं आया। तुम तो बहुत मस्त चूत चाटते हो। आह आँह चाटो मेरे राजा और चाटो। अपनी इस रानी की चूत की प्यास बुझा दो प्लीज़।
इस तरह उसकी चूत ने अपना पानी मेरे मुँह में ही निकाल दिया। अब मैं उसकी चूत का सारा रस पी गया। मेरे अंडरवियर के ऊपर से वह मेरे लंड को चूमने लग गई। फिर उसने मेरा अंडरवियर निकालकर फेंक दिया। मेरा लंड एकदम से उछलकर उसके सामने आ गया। वह मेरे लंड को प्यार से देखते हुए उसे हाथ में लेकर मसलने लग गई।
खुशी – विकास, तुम्हारा लंड बहुत मस्त है। इसे खा जाने का मन कर रहा है। आज तो इसका मैं पूरा मज़ा लेकर रहूँगी।
मैं – तो किस बात का इंतज़ार है? यह तो आज बस तुम्हारी चूत के लिए ही है।
यह सुनते ही उसने मेरे लंड पर किस किया और वह बोली – आज तो मेरे राजा को मैं बहुत मज़ा दूँगी। खुशी मेरे पूरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लग गई। बीच-बीच में वह मेरे लंड को चाट भी रही थी। वह मेरे लंड को बहुत अच्छे से चूस रही थी। मानो वह कोई पॉर्न स्टार हो।
उसके इस तरह लंड चुसाई से मैं अपने आपको कंट्रोल नहीं कर पाया और मैंने अपना सारा पानी उसके मुँह में ही निकाल दिया। मेरे लंड का पानी थोड़ा उसके बूब्स पर भी गिर गया और वह मेरे लंड का सारा पानी पी गई। उसने मेरे लंड को अच्छे से चाटकर साफ़ कर दिया।
इसके बाद हम दोनों बिस्तर पर थोड़ी देर ऐसे ही लेटे रहे। मैं उसको बाँहों में भरकर उसके बालों में हाथ फेरने लग गया। फिर मैं उसके गालों को चूमने लग गया। धीरे-धीरे मैं उसे किस करने लग गया। उधर वह भी मेरे लंड को सहला रही थी और दूसरे हाथ से वह मेरी छाती के बालों में हाथ फेर रही थी।
कुछ ही पलों में हम दोनों की साँसें फूलने लग गईं और मैं उसकी गर्दन को किस करते हुए उसके बूब्स को चूसने लग गया। वह फिर से गरम होने लग गई। मैं एक उँगली उसकी चूत में डालकर अंदर-बाहर करने लग गया। वह इससे और भी गरम हो गई और फिर उसने झट से मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और मेरा लंड पूरा खड़ा कर दिया। ये कहानी आप फ्री XXX स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
खुशी – कंडोम?
मैंने उसे अपनी पैंट की तरफ़ इशारा कर दिया। फिर उसने मेरी पैंट से कंडोम निकाला और मेरे लंड पर चढ़ा दिया। फिर वह मेरे लंड को अपनी चूत में डालने लग गई। मैं उसकी चूत पर लंड रखकर रगड़ने लग गया और वह मुझे चूत में लंड डालने को बोलने लग गई।
मैंने भी अब देर न करते हुए धीरे-धीरे अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया। उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल गईं। अब मैं धीरे-धीरे लंड को अंदर-बाहर कर रहा था। मैं चुदाई के साथ-साथ उसके बूब्स को भी दबा रहा था। काफ़ी बार मैं उसके निप्पल्स को भी चूस रहा था। फिर मैंने अपनी स्पीड तेज़ कर दी और मैं बोला – हाय डार्लिंग, बहुत मज़ा आ रहा है ना?
खुशी – आह आहा हाँ बहुत मज़ा आ रहा है। आज तक मेरी इतनी प्यारी चुदाई कभी नहीं हुई है। तुम बहुत अच्छे खिलाड़ी हो। आह आँह चोदो मुझे, ऐसे ही चोदो। उई माँ बहुत मज़ा आ रहा है।
मेरे धक्कों का साथ देते हुए वह अपने चूतड़ों को हिलाने लग गई।
मैं – साली रंडी, आज मैं तेरी चूत का भोसड़ा बना दूँगा।
खुशी – आह आँह इस रंडी की चूत का भोसड़ा बना दो। मेरे राजा आह चोदो मुझे। आह रंडी की तरह चोदो मुझे।
अब फच-फच की आवाज़ से पूरा रूम गूँज रहा था। इसके साथ चुदाई का मज़ा दुगुना हो गया था। फिर 10-15 मिनट के धक्कों के बाद खुशी बोली – जानू मेरे राजा, अब मेरा बस निकलने ही वाला है। फिर 20 धक्कों के बाद हम दोनों का पानी एक साथ निकल गया और हम दोनों कुछ मिनट ऐसे ही नंगे ही पड़े रहे। हम दोनों के चेहरे पर आनंद साफ़ दिख रहा था। मैंने उसको कसकर बाँहों में भर लिया और उससे फिर से मिलने का प्रॉमिस करते हुए मैंने उसे एक लॉन्ग लिप्स किस दिया।
ये Kolkata Sex Worker Girl की कहानी आपको कैसी लगी कमेंट करके बताये…
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